अयोध्याकाण्ड · दोहा 150 · दोहा/सोरठा
प्रथम बासु तमसा भयउ दूसर सुरसरि तीर।
प्रथम बासु तमसा भयउ दूसर सुरसरि तीर।
न्हाई रहे जलपानु करि सिय समेत दोउ बीर।।150।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 2.15 · पुस्तक पृ. 468, 468
भावार्थ और शब्दार्थ
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1प्रथम बासु तमसा भयउ दूसर सुरसरि तीर।
पहला पड़ाव तमसा नदी पर हुआ और दूसरा गंगा के तट पर।
English explanation
The first halt was by the Tamasa River, and the second on the bank of the Ganges.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| प्रथम | पहला | first |
| बासु | पड़ाव | halt |
| तमसा | तमसा नदी पर | by the Tamasa River |
| भयउ | हुआ | took place |
| दूसर | दूसरा | second |
| सुरसरि | गंगा नदी के | of the Ganges River |
| तीर | तट पर | on the bank |
2 न्हाई रहे जलपानु करि सिय समेत दोउ बीर।।150।।
दोनों वीर भाई राम और लक्ष्मण सीता सहित स्नान करके और जल पीकर वहाँ रहे।
English explanation
The two brave brothers, Rama and Lakshmana, bathed, drank water, and stayed there with Sita.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| न्हाई | स्नान करके | having bathed |
| रहे | ठहरे | stayed |
| जलपानु | जल पीना | drinking water |
| करि | करके | having done |
| सिय | सीता | Sita |
| समेत | सहित | together with |
| दोउ | दोनों | both |
| बीर | वीर भाई राम और लक्ष्मण | brave brothers Rama and Lakshmana |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 150
- स्रोत अभिलेख
- 2.15
- सहायक विषय
- दशरथ-सुमन्त्र-संवाद, दशरथ-मरण
- मुद्रित पृष्ठ
- 468, 468
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