अयोध्याकाण्ड · दोहा 229 · दोहा/सोरठा
छत्रि जाति रघुकुल जनमु राम अनुग जगु जान।
छत्रि जाति रघुकुल जनमु राम अनुग जगु जान।
लातहुँ मारें चढ़ति सिर नीच को धूरि समान।।229।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 2.229 · पुस्तक पृ. 534, 535
भावार्थ और शब्दार्थ
AI प्रारूपशब्दार्थ और भावार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। इन्हें अंतिम व्याख्या न मानें।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1छत्रि जाति रघुकुल जनमु राम अनुग जगु जान।
मैं जाति से क्षत्रिय हूँ, रघुकुल में जन्मा हूँ और राम का अनुचर हूँ—यह संसार जानता है।
English explanation
I am a warrior by caste, born in Raghu’s lineage, and a follower of Rama—the world knows this.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| छत्रि | क्षत्रिय; योद्धा वर्ग का | a member of the warrior class |
| जाति | जाति से | by caste |
| रघुकुल | रघु के राजवंश में | in Raghu’s royal lineage |
| जनमु | जन्म | birth |
| राम | राम का | Rama’s |
| अनुग | अनुचर; सेवक | follower; attendant |
| जगु | संसार | the world |
| जान | जानता है | knows |
2 लातहुँ मारें चढ़ति सिर नीच को धूरि समान।।229।।
धूल के समान तुच्छ व्यक्ति भी लात मारने पर सिर पर चढ़ जाता है।
English explanation
Even a lowly person, like dust, rises onto one’s head when kicked.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| लातहुँ | लात भी; लात से भी | even with a kick |
| मारें | मारने पर | when struck; when kicked |
| चढ़ति | चढ़ जाती है; चढ़ जाता है | rises; climbs up |
| सिर | सिर पर | onto the head |
| नीच | नीच; तुच्छ व्यक्ति | a lowly; insignificant person |
| को | कोई व्यक्ति | someone; a person |
| धूरि | धूल | dust |
| समान | के समान | like; comparable to |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 229
- स्रोत अभिलेख
- 2.229
- सहायक विषय
- श्रीसीताजीका स्वप्न, श्रीरामजीको कोल-किरातोंद्वारा भरतजीके आगमनकी सूचना, रामजीका शोक, लक्ष्मणजीका क्रोध
- मुद्रित पृष्ठ
- 534, 535
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