अयोध्याकाण्ड · दोहा 132 · दोहा/सोरठा
चित्रकूट महिमा अमित कहीं महामुनि गाइ।
चित्रकूट महिमा अमित कहीं महामुनि गाइ।
आए नहाए सरित बर सिय समेत दोउ भाइ।।132।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 2.132 · पुस्तक पृ. 453, 454
भावार्थ और शब्दार्थ
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1चित्रकूट महिमा अमित कहीं महामुनि गाइ।
महामुनि ने चित्रकूट की असीम महिमा गाकर बताई।
English explanation
The great sage sang of and described Chitrakoot’s boundless glory.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| चित्रकूट | चित्रकूट की | Chitrakoot’s |
| महिमा | महिमा | glory |
| अमित | असीम | boundless |
| कहीं | कही; वर्णन किया | described |
| महामुनि | महान मुनि वाल्मीकि ने | the great sage Valmiki |
| गाइ | गाकर | by singing |
2 आए नहाए सरित बर सिय समेत दोउ भाइ।।132।।
दोनों भाई, राम और लक्ष्मण, सीता सहित आए और श्रेष्ठ नदी में स्नान किया।
English explanation
The two brothers, Rama and Lakshmana, came with Sita and bathed in the excellent river.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| आए | आए | came |
| नहाए | स्नान किया | bathed |
| सरित | नदी में | in the river |
| बर | श्रेष्ठ | excellent |
| सिय | सीता | Sita, Rama’s wife |
| समेत | सहित | together with |
| दोउ | दोनों | both |
| भाइ | भाई राम और लक्ष्मण | brothers, Rama and Lakshmana |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 132
- स्रोत अभिलेख
- 2.132
- सहायक विषय
- श्रीराम-वाल्मीकि-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 453, 454
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