अयोध्याकाण्ड · दोहा 19 · दोहा/सोरठा
कद्रूँ बिनतहि दीन्ह दुखु तुम्हहि कौसिलाँ देब।
कद्रूँ बिनतहि दीन्ह दुखु तुम्हहि कौसिलाँ देब।
भरतु बंदिगृह सेइहहिं लखनु राम के नेब।।19।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 2.19 · पुस्तक पृ. 359, 359
भावार्थ और शब्दार्थ
AI प्रारूपशब्दार्थ और भावार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। इन्हें अंतिम व्याख्या न मानें।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1कद्रूँ बिनतहि दीन्ह दुखु तुम्हहि कौसिलाँ देब।
जैसे कद्रू ने विनता को दुख दिया, वैसे ही कौसल्या तुम्हें दुख देंगी।
English explanation
As Kadru caused Vinata suffering, so Kaushalya will cause you suffering.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कद्रूँ | कद्रू ने, विनता की सौत ने | Kadru, Vinata’s co-wife |
| बिनतहि | विनता को | to Vinata |
| दीन्ह | दिया | gave |
| दुखु | दुख | suffering |
| तुम्हहि | तुम्हें | to you |
| कौसिलाँ | कौसल्या, राम की माता | Kaushalya, Rama’s mother |
| देब | देंगी | will give |
2 भरतु बंदिगृह सेइहहिं लखनु राम के नेब।।19।।
भरत कारागार में रहेंगे और लक्ष्मण राम के नायब होंगे।
English explanation
Bharata will dwell in prison, while Lakshmana will be Rama’s deputy.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भरतु | भरत, कैकेयी के पुत्र | Bharata, Kaikeyi’s son |
| बंदिगृह | कारागार में | in prison |
| सेइहहिं | रहेंगे; कारागार भोगेंगे | will dwell; will endure confinement |
| लखनु | लक्ष्मण | Lakshmana, Rama’s brother |
| राम | राम | Rama |
| के | के | of; belonging to |
| नेब | नायब; सहायक शासक | deputy; subordinate ruler |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 19
- स्रोत अभिलेख
- 2.19
- सहायक विषय
- सरस्वतीका मन्थराकी बुद्धि फेरना, कैकेयी-मन्थरा-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 359, 359
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