अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
हृदयँ दाहु अति बदन मलीना। कह कर जोरि बचन अति दीना।।
मूल पाठ
हृदयँ दाहु अति बदन मलीना। कह कर जोरि बचन अति दीना।।
नाथ कहेउ अस कोसलनाथा। लै रथु जाहु राम कें साथा।।
स्रोत अभिलेख 2.94 · पुस्तक पृ. 421, 421
भावार्थ
मूल पाठ के बादउनका हृदय अत्यन्त जलने लगा, मुँह मलिन (उदास) हो गया। वे हाथ जोड़कर अत्यन्त दीन वचन बोले—हे नाथ! मुझे कोसलनाथ दशरथजीने ऐसी आज्ञा दी थी कि तुम रथ लेकर श्रीरामजीके साथ जाओ;॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 421 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 हृदयँ दाहु अति बदन मलीना। कह कर जोरि बचन अति दीना।।
English explanation
Sumantra’s heart was deeply anguished and his face downcast. Joining his hands, he spoke in deeply plaintive words.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हृदयँ | हृदय में | in the heart |
| दाहु | संताप; जलन | anguish; burning pain |
| अति | अत्यधिक | intense |
| बदन | मुख | face |
| मलीना | उदास; कांतिहीन | downcast; without radiance |
| कह | कहते हैं | speaks |
| कर | हाथ | hands |
| जोरि | जोड़कर | joining together |
| बचन | वचन | words |
| अति | बहुत | very |
| दीना | दीन; करुण विनयपूर्ण | plaintive; humbly pleading |
2 नाथ कहेउ अस कोसलनाथा। लै रथु जाहु राम कें साथा।।
English explanation
My lord, Dasharatha, king of Kosala, said: ‘Take the chariot and go with Rama.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नाथ | हे स्वामी | my lord |
| कहेउ | कहा था | said |
| अस | ऐसा | thus |
| कोसलनाथा | कोसल के राजा दशरथ ने | Dasharatha, king of Kosala |
| लै | लेकर | taking |
| रथु | रथ | the chariot |
| जाहु | जाओ | go |
| राम | राम | Rama |
| कें | के | with |
| साथा | साथ | in the company of |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.94
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 421
- सहायक विषय
- लक्ष्मण-निषाद-संवाद, श्रीराम-सीतासे सुमन्त्रका संवाद, सुमन्त्रका लौटना
- मुद्रित पृष्ठ
- 421, 421
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।