अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सकल सोच करि राम नहावा। सुचि सुजान बट छीर मगावा।।
मूल पाठ
सकल सोच करि राम नहावा। सुचि सुजान बट छीर मगावा।।
अनुज सहित सिर जटा बनाए। देखि सुमंत्र नयन जल छाए।।
स्रोत अभिलेख 2.94 · पुस्तक पृ. 421, 421
भावार्थ
मूल पाठ के बादशौचके सब कार्य करके [नित्य] पवित्र और सुजान श्रीरामचन्द्रजीने स्नान किया। फिर बड़का दूध मँगाया और छोटे भाई लक्ष्मणजीसहित उस दूधसे सिरपर जटाएँ बनायीं। यह देखकर सुमन्त्रजीके नेत्रोंमें जल छा गया॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 421 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 सकल सोच करि राम नहावा। सुचि सुजान बट छीर मगावा।।
English explanation
After completing all morning cleansing duties, Rama bathed. Pure and discerning, he had the banyan’s milky sap brought.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सकल | सभी | all |
| सोच | शौचादि नित्यकर्म | daily cleansing duties |
| करि | करके | having performed |
| राम | राम ने | Rama |
| नहावा | स्नान किया | bathed |
| सुचि | पवित्र | pure |
| सुजान | सुजान; विवेकशील | wise; discerning |
| बट | बरगद का | of the banyan tree |
| छीर | दूधिया रस | milky sap |
| मगावा | मँगवाया | had brought |
2 अनुज सहित सिर जटा बनाए। देखि सुमंत्र नयन जल छाए।।
English explanation
Rama and his younger brother Lakshmana arranged their hair into matted locks. Seeing this, Sumantra’s eyes filled with tears.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अनुज | छोटे भाई लक्ष्मण | younger brother Lakshmana |
| सहित | के साथ | together with |
| सिर | सिर पर | on the head |
| जटा | जटाएँ | matted locks |
| बनाए | बनाईं | formed; arranged |
| देखि | देखकर | seeing this |
| सुमंत्र | सुमंत्र के; दशरथ के मंत्री और सारथी | of Sumantra, Dasharatha’s minister and charioteer |
| नयन | नेत्रों में | in the eyes |
| जल | आँसू | tears |
| छाए | भर आए | welled up |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.94
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 421
- सहायक विषय
- लक्ष्मण-निषाद-संवाद, श्रीराम-सीतासे सुमन्त्रका संवाद, सुमन्त्रका लौटना
- मुद्रित पृष्ठ
- 421, 421
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।