अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सखा समुझि अस परिहरि मोहु। सिय रघुबीर चरन रत होहू।।
मूल पाठ
सखा समुझि अस परिहरि मोहु। सिय रघुबीर चरन रत होहू।।
कहत राम गुन भा भिनुसारा। जागे जग मंगल सुखदारा।।
स्रोत अभिलेख 2.94 · पुस्तक पृ. 421, 421
भावार्थ
मूल पाठ के बादहे सखा! ऐसा समझ, मोहको त्यागकर श्रीसीतारामजीके चरणोंमें प्रेम करो। इस प्रकार श्रीरामचन्द्रजीके गुण कहते-कहते सबेरा हो गया! तब जगत्का मङ्गल करनेवाले और उसे सुख देनेवाले श्रीरामजी जागे॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 421 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 सखा समुझि अस परिहरि मोहु। सिय रघुबीर चरन रत होहू।।
English explanation
Friend, understanding this, give up attachment and become devoted to the feet of Sita and Rama.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सखा | हे मित्र | O friend |
| समुझि | समझकर | having understood |
| अस | ऐसा; इस प्रकार | this; thus |
| परिहरि | छोड़कर | giving up |
| मोहु | मोह; भावनात्मक आसक्ति | attachment |
| सिय | सीता के | of Sita |
| रघुबीर | रघुवंश के वीर राम के | of Rama, hero of Raghu’s lineage |
| चरन | चरणों में | at the feet |
| रत | अनुरक्त; समर्पित | devoted |
| होहू | हो जाओ | become |
2 कहत राम गुन भा भिनुसारा। जागे जग मंगल सुखदारा।।
English explanation
As Rama’s virtues were being recounted, dawn came; Rama, the source of auspiciousness and happiness for the world, awoke.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कहत | कहते-कहते | while recounting |
| राम | राम के | of Rama |
| गुन | गुण | virtues |
| भा | हो गया | came; became |
| भिनुसारा | भोर | daybreak |
| जागे | जाग उठे | awoke |
| जग | जगत के लिए | for the world |
| मंगल | मंगलकारी | a source of auspiciousness |
| सुखदारा | सुख देने वाले राम | Rama, the giver of happiness |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.94
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 421
- सहायक विषय
- लक्ष्मण-निषाद-संवाद, श्रीराम-सीतासे सुमन्त्रका संवाद, सुमन्त्रका लौटना
- मुद्रित पृष्ठ
- 421, 421
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।