अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बनु देखाइ सुरसरि अन्हवाई। आनेहु फेरि बेगि दोउ भाई।।
मूल पाठ
बनु देखाइ सुरसरि अन्हवाई। आनेहु फेरि बेगि दोउ भाई।।
लखनु रामु सिय आनेहु फेरी। संसय सकल सँकोच निबेरी।।
स्रोत अभिलेख 2.94 · पुस्तक पृ. 421, 421
भावार्थ
मूल पाठ के बादवन दिखाकर, गङ्गास्नान कराकर दोनों भाइयोंको तुरंत लौटा लाना। सब संशय और संकोचको दूर करके लक्ष्मण, राम, सीताको फिरा लाना॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 421 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 बनु देखाइ सुरसरि अन्हवाई। आनेहु फेरि बेगि दोउ भाई।।
English explanation
‘Show the two brothers the forest, have them bathe in the Ganges, and bring them back quickly.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बनु | वन | the forest |
| देखाइ | दिखाकर | having shown |
| सुरसरि | गंगा में | in the Ganges |
| अन्हवाई | स्नान कराकर | having them bathe |
| आनेहु | ले आना | bring |
| फेरि | वापस | back |
| बेगि | शीघ्र | quickly |
| दोउ | दोनों | both |
| भाई | भाइयों को | brothers |
2 लखनु रामु सिय आनेहु फेरी। संसय सकल सँकोच निबेरी।।
English explanation
‘Resolve all doubts and hesitation, and bring Lakshmana, Rama, and Sita back.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| लखनु | लक्ष्मण को | Lakshmana |
| रामु | राम को | Rama |
| सिय | सीता को | Sita |
| आनेहु | ले आना | bring |
| फेरी | वापस | back |
| संसय | संदेह | doubts |
| सकल | सभी | all |
| सँकोच | संकोच; हिचक | hesitation; reluctance |
| निबेरी | दूर करके | having resolved |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.94
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 421
- सहायक विषय
- लक्ष्मण-निषाद-संवाद, श्रीराम-सीतासे सुमन्त्रका संवाद, सुमन्त्रका लौटना
- मुद्रित पृष्ठ
- 421, 421
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