अयोध्याकाण्ड · दोहा 94 · दोहा/सोरठा
नृप अस कहेउ गोसाईं जस कहइ करौं बलि सोइ।
नृप अस कहेउ गोसाईं जस कहइ करौं बलि सोइ।
करि बिनती पायन्ह परेउ दीन्ह बाल जिमि रोइ।।94।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 2.94 · पुस्तक पृ. 421, 421
भावार्थ और शब्दार्थ
1नृप अस कहेउ गोसाईं जस कहइ करौं बलि सोइ।
‘राजा ने ऐसा कहा था, हे स्वामी। मैं आप पर बलिहारी हूँ; आप जैसा कहेंगे, मैं वही करूँगा।’
English explanation
‘The king said this, my lord. I am devoted to you; I shall do whatever you say.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नृप | राजा दशरथ ने | King Dasharatha |
| अस | ऐसा | thus |
| कहेउ | कहा था | said |
| गोसाईं | हे स्वामी | my lord |
| जस | जैसा | whatever |
| कहइ | आप कहते हैं | you say |
| करौं | मैं करूँगा | I shall do |
| बलि | मैं बलिहारी हूँ | I am devoted to you |
| सोइ | वही | that very thing |
2 करि बिनती पायन्ह परेउ दीन्ह बाल जिमि रोइ।।94।।
विनती करके सुमंत्र राम के चरणों पर गिर पड़े और बालक की तरह रोए। ‘दीन्ह’ का पाठ अनिश्चित है; यदि आशय ‘दीन’ है, तो अर्थ ‘दीन बालक की तरह’ होगा।
English explanation
After making his plea, Sumantra fell at Rama’s feet and wept like a child. The supplied ‘दीन्ह’ is uncertain; if ‘दीन’ is intended, the sense is ‘like a helpless child.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| करि | करके | having made |
| बिनती | विनती | a plea |
| पायन्ह | चरणों पर | at the feet |
| परेउ | गिर पड़े | fell down |
| दीन्ह | संभवतः दीन, असहाय; बच्चे की तरह व्याकुल। | Probably helpless or distressed, like a child. |
| बाल | बालक | a child |
| जिमि | की तरह | like |
| रोइ | रोए | wept |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 94
- स्रोत अभिलेख
- 2.94
- सहायक विषय
- लक्ष्मण-निषाद-संवाद, श्रीराम-सीतासे सुमन्त्रका संवाद, सुमन्त्रका लौटना
- मुद्रित पृष्ठ
- 421, 421
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।