अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
हम सब भाँति करब सेवकाई। करि केहरि अहि बाघ बराई।।
मूल पाठ
हम सब भाँति करब सेवकाई। करि केहरि अहि बाघ बराई।।
बन बेहड़ गिरि कंदर खोहा। सब हमार प्रभु पग पग जोहा।।
स्रोत अभिलेख 2.136 · पुस्तक पृ. 456, 457
भावार्थ
मूल पाठ के बादहमलोग सब प्रकारसे हाथी, सिंह, सर्प और बाघोंसे बचाकर आपकी सेवा करेंगे। हे प्रभो! यहाँके बीहड़ वन, पहाड़, गुफाएँ और खोह (दर्रे) सब पग-पग हमारे देखे हुए हैं॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 457 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 हम सब भाँति करब सेवकाई। करि केहरि अहि बाघ बराई।।
English explanation
We will serve you in every way and keep elephants, lions, snakes, and tigers away.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हम | हम | we |
| सब | सभी; हर | every |
| भाँति | प्रकार से | way; manner |
| करब | करेंगे | will do |
| सेवकाई | सेवा | service |
| करि | हाथी | elephants |
| केहरि | सिंह | lions |
| अहि | साँप | snakes |
| बाघ | बाघ | tigers |
| बराई | दूर रखकर; रोककर | keeping away; warding off |
2 बन बेहड़ गिरि कंदर खोहा। सब हमार प्रभु पग पग जोहा।।
English explanation
Lord, we know these forests, rugged tracts, mountains, caverns, and hollows at every step, having explored them all.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बन | वन | forests |
| बेहड़ | बीहड़; दुर्गम भूभाग | rugged, difficult terrain |
| गिरि | पहाड़ | mountains |
| कंदर | गुफाएँ | caverns |
| खोहा | खोहें; गहरी गुहाएँ | hollows; deep caves |
| सब | सभी | all |
| हमार | हमारे द्वारा | by us |
| प्रभु | हे स्वामी | O Lord |
| पग | कदम | step |
| पग | कदम; हर कदम पर | step; at every step |
| जोहा | देखा; खोजकर जाना हुआ | examined; explored |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.136
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 457
- सहायक विषय
- चित्रकूटमें निवास, कोल-भीलोंके द्वारा सेवा
- मुद्रित पृष्ठ
- 456, 457
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।