अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तहँ तहँ तुम्हहि अहेर खेलाउब। सर निरझर जलठाउँ देखाउब।।
मूल पाठ
तहँ तहँ तुम्हहि अहेर खेलाउब। सर निरझर जलठाउँ देखाउब।।
हम सेवक परिवार समेता। नाथ न सकुचब आयसु देता।।
स्रोत अभिलेख 2.136 · पुस्तक पृ. 456, 457
भावार्थ
मूल पाठ के बादहम वहाँ-वहाँ (उन-उन स्थानोंमें) आपको शिकार खिलावेंगे और तालाब, झरने आदि जलाशयोंको दिखावेंगे। हम कुटुम्बसमेत आपके सेवक हैं। हे नाथ! इसलिये हमें आज्ञा देनेमें संकोच न कीजियेगा॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 457 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 तहँ तहँ तुम्हहि अहेर खेलाउब। सर निरझर जलठाउँ देखाउब।।
English explanation
We will take you hunting at those places and show you lakes, waterfalls, and watering places.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तहँ | वहाँ | there |
| तहँ | वहाँ; उन विभिन्न स्थानों पर | there; at those various places |
| तुम्हहि | आपको | you |
| अहेर | शिकार | hunting |
| खेलाउब | कराएँगे; खेलने ले जाएँगे | will enable you to hunt |
| सर | सरोवर | lakes |
| निरझर | झरने | waterfalls; cascades |
| जलठाउँ | जल मिलने के स्थान | watering places |
| देखाउब | दिखाएँगे | will show |
2 हम सेवक परिवार समेता। नाथ न सकुचब आयसु देता।।
English explanation
We are your servants, together with our families. Lord, do not hesitate to give us commands.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हम | हम | we |
| सेवक | आपके सेवक | your servants |
| परिवार | परिवार | families |
| समेता | सहित | together with |
| नाथ | हे स्वामी | O Lord |
| न | नहीं; मत | not; do not |
| सकुचब | संकोच कीजिए | hesitate |
| आयसु | आज्ञा | commands |
| देता | देते समय | when giving |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.136
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 457
- सहायक विषय
- चित्रकूटमें निवास, कोल-भीलोंके द्वारा सेवा
- मुद्रित पृष्ठ
- 456, 457
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।