अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
स्वामिनि अबिनय छमबि हमारी। बिलगु न मानब जानि गवाँरी।।
मूल पाठ
स्वामिनि अबिनय छमबि हमारी। बिलगु न मानब जानि गवाँरी।।
राजकुअँर दोउ सहज सलोने। इन्ह तें लही दुति मरकत सोने।।
स्रोत अभिलेख 2.116 · पुस्तक पृ. 439, 440
भावार्थ
मूल पाठ के बादहे स्वामिनि! हमारी ढिठाई क्षमा कीजियेगा और हमको गँवारी जानकर बुरा न मानियेगा। ये दोनों राजकुमार स्वभावसे ही लावण्यमय (परम सुन्दर) हैं। मरकतमणि (पन्ने) और सुवर्णने कान्ति इन्हींसे पायी है (अर्थात् मरकतमणिमें और स्वर्णमें जो हरित और स्वर्णवर्णकी आभा है वह इनकी हरिताभनील और स्वर्णकान्तिके एक कणके बराबर भी नहीं है)॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 440 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 स्वामिनि अबिनय छमबि हमारी। बिलगु न मानब जानि गवाँरी।।
English explanation
Lady, forgive our discourtesy; knowing us to be unsophisticated village women, please do not take offense.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| स्वामिनि | हे स्वामिनी | O lady |
| अबिनय | अशिष्टता; विनय की कमी | discourtesy; lack of propriety |
| छमबि | क्षमा कीजिए | please forgive |
| हमारी | हमारी | our |
| बिलगु | बुरा; अप्रिय | offensive; amiss |
| न | नहीं | not |
| मानब | मानिए | regard; take |
| जानि | समझकर | knowing; considering |
| गवाँरी | गँवार; असंस्कृत ग्राम-स्त्रियाँ | unsophisticated village women |
2 राजकुअँर दोउ सहज सलोने। इन्ह तें लही दुति मरकत सोने।।
English explanation
Both princes are naturally handsome; emerald and gold have gained their radiance from them.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राजकुअँर | राजकुमार | princes |
| दोउ | दोनों | both |
| सहज | स्वभावतः | naturally |
| सलोने | सुंदर; मनोहर | handsome; charming |
| इन्ह | इन दोनों से | these two |
| तें | से | from |
| लही | प्राप्त की | have gained |
| दुति | चमक; कांति | radiance |
| मरकत | पन्ने ने | emerald |
| सोने | सोने ने | gold |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.116
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 440
- सहायक विषय
- यमुनाको प्रणाम, वनवासियोंका प्रेम
- मुद्रित पृष्ठ
- 439, 440
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।