अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सुनि भए बिकल सकल नर नारी। बेलि बिटप जिमि देखि दवारी।।
मूल पाठ
सुनि भए बिकल सकल नर नारी। बेलि बिटप जिमि देखि दवारी।।
जो जहँ सुनइ धुनइ सिरु सोई। बड़ बिषादु नहिं धीरजु होई।।
स्रोत अभिलेख 2.46 · पुस्तक पृ. 381, 382
भावार्थ
मूल पाठ के बादइस बातको सुनकर सब स्त्री-पुरुष ऐसे व्याकुल हो गये जैसे दावानल (वनमें आग लगी) देखकर बेल और वृक्ष मुरझा जाते हैं। जो जहाँ सुनता है वह वहीं सिर धुनने (पीटने) लगता है! बड़ा विषाद है, किसीको धीरज नहीं बँधता॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 382 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 सुनि भए बिकल सकल नर नारी। बेलि बिटप जिमि देखि दवारी।।
English explanation
Hearing it, all men and women became distraught, like creepers and trees confronted with a forest fire.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनि | सुनकर | on hearing |
| भए | हो गए | became |
| बिकल | व्याकुल | distraught |
| सकल | सभी | all |
| नर | पुरुष | men |
| नारी | स्त्रियाँ | women |
| बेलि | लताएँ | creepers |
| बिटप | वृक्ष | trees |
| जिमि | जैसे | like |
| देखि | देखकर | on seeing |
| दवारी | दावानल; जंगल की आग | forest fire |
2 जो जहँ सुनइ धुनइ सिरु सोई। बड़ बिषादु नहिं धीरजु होई।।
English explanation
Whoever hears it, wherever they are, beats their head in grief. The sorrow is immense, and no composure can be found.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जो | जो कोई | whoever |
| जहँ | जहाँ | wherever |
| सुनइ | सुनता है | hears |
| धुनइ | पीटता है | beats |
| सिरु | अपना सिर | their head |
| सोई | वही व्यक्ति | that very person |
| बड़ | बहुत बड़ा | immense |
| बिषादु | विषाद; दुख | sorrow |
| नहिं | नहीं | not |
| धीरजु | धैर्य; मन का संतुलन | patience; composure |
| होई | होता; बँधता | arises; is attained |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.46
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 382
- सहायक विषय
- श्रीराम-दशरथ-संवाद, अवध-वासियोंका विषाद, कैकेयीको समझाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 381, 382
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।