अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
अस कहि राम गवनु तब कीन्हा। भूप सोक बसु उतरु न दीन्हा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दऐसा कहकर तब श्रीरामचन्द्रजी वहाँसे चल दिये। राजाने शोकवश कोई उत्तर नहीं दिया। वह बहुत ही तीखी (अप्रिय) बात नगरभरमें इतनी जल्दी फैल गयी मानो डंक मारते ही बिच्छूका विष सारे शरीरमें चढ़ गया हो॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 382 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
अस कहि राम गवनु तब कीन्हा। भूप सोक बसु उतरु न दीन्हा।।
नगर ब्यापि गइ बात सुतीछी। छुअत चढ़ी जनु सब तन बीछी।।
स्रोत अभिलेख 2.46 · पुस्तक पृ. 381, 382
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 अस कहि राम गवनु तब कीन्हा। भूप सोक बसु उतरु न दीन्हा।।
English explanation
Having said this, Rama departed. King Dasharatha, overcome by grief, gave no reply.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अस | ऐसा | this; thus |
| कहि | कहकर | having said |
| राम | राम, दशरथ के पुत्र | Rama, Dasharatha’s son |
| गवनु | प्रस्थान | departure |
| तब | तब | then |
| कीन्हा | किया | made; undertook |
| भूप | राजा दशरथ | King Dasharatha |
| सोक | शोक | grief |
| बसु | के वश में | overcome by |
| उतरु | उत्तर | reply |
| न | नहीं | not |
| दीन्हा | दिया | gave |
2 नगर ब्यापि गइ बात सुतीछी। छुअत चढ़ी जनु सब तन बीछी।।
English explanation
The piercing news spread through the city; at its touch, everyone felt as though the pain of a scorpion’s sting had spread through their bodies.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नगर | नगर में | through the city |
| ब्यापि | फैल | spreading |
| गइ | गई | went; became |
| बात | बात; समाचार | news |
| सुतीछी | अत्यंत तीखी; हृदय में चुभने वाली | very piercing; deeply hurtful |
| छुअत | छूते ही | as soon as it touched |
| चढ़ी | चढ़ गई; फैल गई | rose; spread through |
| जनु | मानो | as though |
| सब | सबके | everyone’s |
| तन | शरीर में | in the body |
| बीछी | बिच्छू के डंक की पीड़ा | the pain of a scorpion’s sting |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.46
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 382
- सहायक विषय
- श्रीराम-दशरथ-संवाद, अवध-वासियोंका विषाद, कैकेयीको समझाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 381, 382
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।