अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सुनि प्रिय बचन मलिन मनु जानी। झुकी रानि अब रहु अरगानी।।
मूल पाठ
सुनि प्रिय बचन मलिन मनु जानी। झुकी रानि अब रहु अरगानी।।
पुनि अस कबहुँ कहसि घरफोरी। तब धरि जीभ कढ़ावउँ तोरी।।
स्रोत अभिलेख 2.14 · पुस्तक पृ. 354, 355
भावार्थ
मूल पाठ के बादमन्थराके प्रिय वचन सुनकर किन्तु उसको मनकी मैली जानकर रानी झुककर (डाँटकर) बोली—बस, अब चुप रह घरफोड़ी कहींकी! जो फिर कभी ऐसा कहा तो तेरी जीभ पकड़कर निकलवा लूँगी॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 355 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 सुनि प्रिय बचन मलिन मनु जानी। झुकी रानि अब रहु अरगानी।।
English explanation
Hearing these remarks about her beloved Rama and recognizing Manthara’s malicious mind, the queen rebuked her: Be silent now!
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनि | सुनकर | having heard |
| प्रिय | प्रिय राम के विषय में | about beloved Rama |
| बचन | बातें; वचन | words; remarks |
| मलिन | दूषित; दुर्भावनापूर्ण | tainted; malicious |
| मनु | मन | mind; intention |
| जानी | जानकर | having recognized |
| झुकी | झिड़का | rebuked |
| रानि | रानी कैकेयी ने | Queen Kaikeyi |
| अब | अब | now |
| रहु | रह; हो जा | remain; be |
| अरगानी | चुप | silent |
2 पुनि अस कबहुँ कहसि घरफोरी। तब धरि जीभ कढ़ावउँ तोरी।।
English explanation
You breaker of households! If you ever speak like this again, I will have your tongue seized and pulled out.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पुनि | फिर | again |
| अस | ऐसी बात | like this |
| कबहुँ | कभी | ever |
| कहसि | तू कहेगी | you say |
| घरफोरी | हे घर में फूट डालने वाली | you breaker of households |
| तब | तब | then |
| धरि | पकड़कर | having seized |
| जीभ | जीभ | tongue |
| कढ़ावउँ | मैं निकलवा दूँगी | I will have pulled out |
| तोरी | तेरी | your |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.14
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 355
- सहायक विषय
- सरस्वतीका मन्थराकी बुद्धि फेरना, कैकेयी-मन्थरा-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 354, 355
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।