अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
पूतु बिदेस न सोचु तुम्हारें। जानति हहु बस नाहु हमारें।।
मूल पाठ
पूतु बिदेस न सोचु तुम्हारें। जानति हहु बस नाहु हमारें।।
नीद बहुत प्रिय सेज तुराई। लखहु न भूप कपट चतुराई।।
स्रोत अभिलेख 2.14 · पुस्तक पृ. 354, 355
भावार्थ
मूल पाठ के बादतुम्हारा पुत्र परदेशमें है, तुम्हें कुछ सोच नहीं। जानती हो कि स्वामी हमारे वशमें है। तुम्हें तो तोशक-पलँगपर पड़े-पड़े नींद लेना ही बहुत प्यारा लगता है, राजाकी कपटभरी चतुराई तुम नहीं देखतीं॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 355 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 पूतु बिदेस न सोचु तुम्हारें। जानति हहु बस नाहु हमारें।।
English explanation
Your son is away in another land, yet you have no concern; you think your husband is under your control.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पूतु | पुत्र भरत | your son Bharata |
| बिदेस | परदेश में | away in another land |
| न | नहीं | no |
| सोचु | चिंता | concern |
| तुम्हारें | आपको | for you |
| जानति | समझती | think |
| हहु | हैं आप | you do |
| बस | वश में | under control |
| नाहु | पति; राजा दशरथ | husband, King Dasharatha |
| हमारें | मेरे वश में | under my control |
2 नीद बहुत प्रिय सेज तुराई। लखहु न भूप कपट चतुराई।।
English explanation
You greatly love sleep and a soft bed; you do not perceive the king’s deceitful cleverness.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नीद | नींद | sleep |
| बहुत | बहुत | very much |
| प्रिय | प्रिय | dear; pleasing |
| सेज | शय्या | bed |
| तुराई | नरम; मुलायम | soft; comfortable |
| लखहु | आप पहचानती हैं | you perceive |
| न | नहीं | not |
| भूप | राजा की | the king’s |
| कपट | कपटपूर्ण | deceitful |
| चतुराई | चतुराई | cleverness; cunning |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.14
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 355
- सहायक विषय
- सरस्वतीका मन्थराकी बुद्धि फेरना, कैकेयी-मन्थरा-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 354, 355
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।