अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सानुज मिलि पल महु सब काहू। कीन्ह दूरि दुखु दारुन दाहू।।
मूल पाठ
सानुज मिलि पल महु सब काहू। कीन्ह दूरि दुखु दारुन दाहू।।
यह बड़ि बातँ राम कै नाहीं। जिमि घट कोटि एक रबि छाहीं।।
स्रोत अभिलेख 2.244 · पुस्तक पृ. 546, 547
भावार्थ
मूल पाठ के बादउन्होंने लक्ष्मणजीसहित पलभरमें सब किसीसे मिलकर उनके दु:ख और कठिन संतापको दूर कर दिया। श्रीरामचन्द्रजीके लिये यह कोई बड़ी बात नहीं है। जैसे करोड़ों घड़ोंमें एक ही सूर्यकी [पृथक्-पृथक्] छाया (प्रतिबिम्ब) एक साथ ही दीखती है॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 547 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 सानुज मिलि पल महु सब काहू। कीन्ह दूरि दुखु दारुन दाहू।।
English explanation
Meeting everyone in a moment together with his younger brother, Rama removed their sorrow and its terrible burning anguish.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सानुज | छोटे भाई लक्ष्मण सहित | with his younger brother Lakshmana |
| मिलि | मिलकर | having met |
| पल | क्षण | a moment |
| महु | में | within |
| सब | सभी | all |
| काहू | लोगों से | the people |
| कीन्ह | कर दिया | made |
| दूरि | दूर | go away |
| दुखु | दुःख | sorrow |
| दारुन | भीषण | terrible |
| दाहू | संताप; जलन | burning anguish |
2 यह बड़ि बातँ राम कै नाहीं। जिमि घट कोटि एक रबि छाहीं।।
English explanation
This is no great feat for Rama, just as a single sun is reflected in millions of pots.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| यह | यह | this |
| बड़ि | बड़ी | great |
| बातँ | बात | matter or feat |
| राम | भगवान राम | Lord Rama |
| कै | के लिए | for |
| नाहीं | नहीं है | is not |
| जिमि | जैसे | just as |
| घट | घड़ों में | in pots |
| कोटि | करोड़ों | millions |
| एक | एक ही | one single |
| रबि | सूर्य | sun |
| छाहीं | प्रतिबिंबित होता है | is reflected |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.244
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 547
- सहायक विषय
- भरतजीका मन्दाकिनी-स्नान, चित्रकूटमें पहुँचना, भरतादि सबका परस्पर मिलाप, पिताका शोक और श्राद्ध
- मुद्रित पृष्ठ
- 546, 547
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।