अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
समर मरनु पुनि सुरसरि तीरा। राम काजु छनभंगु सरीरा।।
मूल पाठ
समर मरनु पुनि सुरसरि तीरा। राम काजु छनभंगु सरीरा।।
भरत भाइ नृपु मै जन नीचू। बड़ें भाग असि पाइअ मीचू।।
स्रोत अभिलेख 2.19 · पुस्तक पृ. 500, 501
भावार्थ
मूल पाठ के बादयुद्धमें मरण, फिर गङ्गाजीका तट, श्रीरामजीका काम और क्षणभङ्गुर शरीर (जो चाहे जब नाश हो जाय); भरत श्रीरामजीके भाई और राजा (उनके हाथसे मरना) और मैं नीच सेवक—बड़े भाग्यसे ऐसी मृत्यु मिलती है॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 500 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 समर मरनु पुनि सुरसरि तीरा। राम काजु छनभंगु सरीरा।।
English explanation
Death in battle, moreover on the Ganges’ bank and in Rama’s service—this body is fleeting anyway.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| समर | युद्ध में | in battle |
| मरनु | मृत्यु | death |
| पुनि | फिर, और भी | moreover |
| सुरसरि | गंगा के | of the Ganges |
| तीरा | तट पर | on the bank |
| राम | राम का | Rama’s |
| काजु | कार्य; सेवा | work; service |
| छनभंगु | क्षणभंगुर | fleeting |
| सरीरा | शरीर | body |
2 भरत भाइ नृपु मै जन नीचू। बड़ें भाग असि पाइअ मीचू।।
English explanation
Bharata is Rama’s brother and a king; I am a lowly servant. Such a death comes only through great good fortune.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भरत | राम के भाई भरत | Bharata, Rama’s brother |
| भाइ | भाई | brother |
| नृपु | राजा | king |
| मै | मैं | I |
| जन | सेवक | servant |
| नीचू | नीच समझा जाने वाला | of lowly standing |
| बड़ें | बड़े | great |
| भाग | भाग्य से | through good fortune |
| असि | ऐसी | such |
| पाइअ | मिलती है | is obtained |
| मीचू | मृत्यु | death |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.19
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 500
- सहायक विषय
- निषादकी शङ्का और सावधानी
- मुद्रित पृष्ठ
- 500, 501
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।