अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
स्वामि काज करिहउँ रन रारी। जस धवलिहउँ भुवन दस चारी।।
मूल पाठ
स्वामि काज करिहउँ रन रारी। जस धवलिहउँ भुवन दस चारी।।
तजउँ प्रान रघुनाथ निहोरें। दुहूँ हाथ मुद मोदक मोरें।।
स्रोत अभिलेख 2.19 · पुस्तक पृ. 500, 501
भावार्थ
मूल पाठ के बादमैं स्वामीके कामके लिये रणमें लड़ाई करूँगा और चौदहों लोकोंको अपने यशसे उज्ज्वल कर दूँगा। श्रीरघुनाथजीके निमित्त प्राण त्याग दूँगा। मेरे तो दोनों ही हाथोंमें आनन्दके लड्डू हैं (अर्थात् जीत गया तो रामसेवकका यश प्राप्त करूँगा और मारा गया तो श्रीरामजीकी नित्य सेवा प्राप्त करूँगा)॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 501 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 स्वामि काज करिहउँ रन रारी। जस धवलिहउँ भुवन दस चारी।।
English explanation
I will fight in battle for my master’s cause and spread my spotless fame through all fourteen worlds.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| स्वामि | स्वामी के | my master’s |
| काज | काम के लिए | for the cause |
| करिहउँ | मैं करूँगा | I will wage |
| रन | रण में | in battle |
| रारी | लड़ाई | a fight |
| जस | यश | fame |
| धवलिहउँ | मैं उज्ज्वल कर फैलाऊँगा | I will make shine and spread |
| भुवन | लोकों में | through the worlds |
| दस | दस | ten |
| चारी | चार | four |
2 तजउँ प्रान रघुनाथ निहोरें। दुहूँ हाथ मुद मोदक मोरें।।
English explanation
If I give up my life for Rama, I have sweets of joy in both hands—either way, I gain.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तजउँ | मैं त्याग दूँ | I would give up |
| प्रान | प्राण | my life |
| रघुनाथ | राम | Rama, lord of Raghu’s lineage |
| निहोरें | के लिए; उनके खातिर | for his sake |
| दुहूँ | दोनों | both |
| हाथ | हाथों में | in hands |
| मुद | आनंद के | of joy |
| मोदक | लड्डू | sweetmeats |
| मोरें | मेरे | my |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.19
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 501
- सहायक विषय
- निषादकी शङ्का और सावधानी
- मुद्रित पृष्ठ
- 500, 501
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।