अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सब समेत पुर धारिअ पाऊ। आपु इहाँ अमरावति राऊ।।
मूल पाठ
सब समेत पुर धारिअ पाऊ। आपु इहाँ अमरावति राऊ।।
बहुत कहेउँ सब कियउँ ढिठाई। उचित होइ तस करिअ गोसाँई।।
स्रोत अभिलेख 2.248 · पुस्तक पृ. 550, 550
भावार्थ
मूल पाठ के बादअत: सबके साथ आप अयोध्यापुरीको पधारिये (लौट जाइये)। आप यहाँ हैं, और राजा अमरावती (स्वर्ग) में हैं (अयोध्या सूनी है)! मैंने बहुत कह डाला, यह सब बड़ी ढिठाई की है। हे गोसाईं! जैसा उचित हो, वैसा ही कीजिये॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 550 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 सब समेत पुर धारिअ पाऊ। आपु इहाँ अमरावति राऊ।।
English explanation
Please return to the city with everyone; here you are like Indra, the king of Amaravati.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सब | सबको | everyone |
| समेत | साथ लेकर | together with |
| पुर | नगर अयोध्या में | to the city of Ayodhya |
| धारिअ | रखिए | please set |
| पाऊ | चरण | your feet |
| आपु | आप | you |
| इहाँ | यहाँ | here |
| अमरावति | देवनगरी अमरावती के | of Amaravati, the celestial city |
| राऊ | राजा इंद्र के समान | like its king, Indra |
2 बहुत कहेउँ सब कियउँ ढिठाई। उचित होइ तस करिअ गोसाँई।।
English explanation
I have said much; all this has been presumption on my part. Master, do whatever is proper.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बहुत | बहुत | much |
| कहेउँ | मैंने कहा | I have said |
| सब | यह सब | all this |
| कियउँ | मैंने की | I have committed |
| ढिठाई | धृष्टता | presumption |
| उचित | उचित | proper |
| होइ | हो | may be |
| तस | वैसा | accordingly |
| करिअ | कीजिए | please do |
| गोसाँई | हे स्वामी | O master |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.248
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 550
- सहायक विषय
- भरतजीका मन्दाकिनी-स्नान, चित्रकूटमें पहुँचना, भरतादि सबका परस्पर मिलाप, पिताका शोक और श्राद्ध
- मुद्रित पृष्ठ
- 550, 550
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।