अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
लोभी लंपट लोलुपचारा। जे ताकहिं परधनु परदारा।।
मूल पाठ
लोभी लंपट लोलुपचारा। जे ताकहिं परधनु परदारा।।
पावौं मैं तिन्ह के गति घोरा। जौं जननी यहु संमत मोरा।।
स्रोत अभिलेख 2.168 · पुस्तक पृ. 482, 483
भावार्थ
मूल पाठ के बादजो लोभी, लम्पट और लालचियोंका आचरण करनेवाले हैं; जो पराये धन और परायी स्त्रीकी ताकमें रहते हैं; हे जननी! यदि इस काममें मेरी सम्मति हो तो मैं उनकी भयानक गतिको पाऊँ॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 483 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 लोभी लंपट लोलुपचारा। जे ताकहिं परधनु परदारा।।
English explanation
They are greedy, lustful, and grasping in conduct, coveting others' wealth and others' wives.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| लोभी | लालची | greedy |
| लंपट | विषयासक्त; कामुक | lustful; sensual |
| लोलुपचारा | लालचपूर्ण आचरण वाले | grasping in conduct |
| जे | जो लोग | those who |
| ताकहिं | लालचभरी दृष्टि रखते हैं | cast covetous eyes upon |
| परधनु | दूसरों का धन | others' wealth |
| परदारा | दूसरों की पत्नियाँ | others' wives |
2 पावौं मैं तिन्ह के गति घोरा। जौं जननी यहु संमत मोरा।।
English explanation
Mother, if this happened with my consent, may I meet those people's terrible fate.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पावौं | मैं पाऊँ | may I receive |
| मैं | मैं | I |
| तिन्ह | उन लोगों | those people |
| के | की | of |
| गति | गति; अंतिम दशा | fate; eventual state |
| घोरा | भयानक | terrible |
| जौं | यदि | if |
| जननी | हे माता | O mother |
| यहु | यह घटना | this occurrence |
| संमत | सम्मति से; स्वीकृत | consented to; approved |
| मोरा | मेरी | my |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.168
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 483
- सहायक विषय
- भरत-कौसल्या-संवाद और दशरथजीकी अन्त्येष्टि क्रिया
- मुद्रित पृष्ठ
- 482, 483
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।