अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
रिधि सिधि सिर धरि मुनिबर बानी। बड़भागिनि आपुहि अनुमानी।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दऋद्धि-सिद्धिने मुनिराजकी आज्ञाको सिर चढ़ाकर अपनेको बड़भागिनी समझा। सब सिद्धियाँ आपसमें कहने लगीं—श्रीरामचन्द्रजीके छोटे भाई भरत ऐसे अतिथि हैं, जिनकी तुलनामें कोई नहीं आ सकता॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 521 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
रिधि सिधि सिर धरि मुनिबर बानी। बड़भागिनि आपुहि अनुमानी।।
कहहिं परसपर सिधि समुदाई। अतुलित अतिथि राम लघु भाई।।
स्रोत अभिलेख 2.214 · पुस्तक पृ. 521, 521
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 रिधि सिधि सिर धरि मुनिबर बानी। बड़भागिनि आपुहि अनुमानी।।
English explanation
Riddhi and Siddhi reverently accepted the great sage’s words and considered themselves most fortunate.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रिधि | समृद्धि की साकार शक्ति ऋद्धि | Riddhi, prosperity personified |
| सिधि | अलौकिक सामर्थ्य की साकार शक्ति सिद्धि | Siddhi, supernatural accomplishment personified |
| सिर | सिर पर | upon the head |
| धरि | रखकर; आदरपूर्वक स्वीकार करके | placing; reverently accepting |
| मुनिबर | श्रेष्ठ मुनि भरद्वाज की | of the great sage Bharadvaja |
| बानी | वाणी; आदेश | words; command |
| बड़भागिनि | बहुत भाग्यवती | most fortunate |
| आपुहि | अपने ही को | themselves |
| अनुमानी | माना; समझा | considered; judged |
2 कहहिं परसपर सिधि समुदाई। अतुलित अतिथि राम लघु भाई।।
English explanation
The company of supernatural powers says among themselves: Rama’s younger brother Bharata is an incomparable guest.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कहहिं | कहती हैं | say |
| परसपर | आपस में | to one another |
| सिधि | अलौकिक सिद्धियों का | of supernatural powers |
| समुदाई | समुदाय; समूह | company; group |
| अतुलित | अनुपम; जिनकी तुलना नहीं | incomparable |
| अतिथि | अतिथि | guest |
| राम | श्रीराम के | of Rama |
| लघु | छोटे | younger |
| भाई | भाई भरत | brother Bharata |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.214
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 521
- सहायक विषय
- भरद्वाजद्वारा भरतका सत्कार
- मुद्रित पृष्ठ
- 521, 521
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।