अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
राम सरिस सुत कानन जोगू। काह कहिहि सुनि तुम्ह कहुँ लोगू।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दराम-सरीखा पुत्र क्या वनके योग्य है? यह सुनकर लोग तुम्हें क्या कहेंगे! जल्दी उठो और वही उपाय करो जिस उपायसे इस शोक और कलङ्कका नाश हो॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 385 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
राम सरिस सुत कानन जोगू। काह कहिहि सुनि तुम्ह कहुँ लोगू।।
उठहु बेगि सोइ करहु उपाई। जेहि बिधि सोकु कलंकु नसाई।।
स्रोत अभिलेख 2.5 · पुस्तक पृ. 385, 385
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 राम सरिस सुत कानन जोगू। काह कहिहि सुनि तुम्ह कहुँ लोगू।।
English explanation
Is a son like Rama fit to be sent to the forest? What will people say to you when they hear this?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राम | राम | Rama |
| सरिस | के समान | like; equal to |
| सुत | पुत्र | son |
| कानन | वन के लिए | for the forest |
| जोगू | योग्य | fit; suitable |
| काह | क्या | what |
| कहिहि | कहेंगे | will say |
| सुनि | सुनकर | having heard |
| तुम्ह | तुम | you |
| कहुँ | को | to |
| लोगू | लोग | people |
2 उठहु बेगि सोइ करहु उपाई। जेहि बिधि सोकु कलंकु नसाई।।
English explanation
Rise quickly and take the measure that will remove sorrow and disgrace.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| उठहु | उठो | rise |
| बेगि | जल्दी | quickly |
| सोइ | वही | that very |
| करहु | करो | do; carry out |
| उपाई | उपाय | measure; remedy |
| जेहि | जिस | which; by which |
| बिधि | विधि से; तरीके से | by the method; in the way |
| सोकु | शोक | sorrow |
| कलंकु | कलंक; बदनामी | disgrace; dishonor |
| नसाई | मिट जाएँ; दूर हों | may be removed; disappear |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.5
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 385
- सहायक विषय
- श्रीराम-दशरथ-संवाद, अवध-वासियोंका विषाद, कैकेयीको समझाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 385, 385
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।