मूल पाठ · शब्दार्थ · भावार्थ
अयोध्याकाण्ड 2.5
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चौपाई
। ।।
| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राम | Rama | |
| के समान | like; equal to | |
| पुत्र | son | |
| वन के लिए | for the forest | |
| योग्य | fit; suitable | |
| क्या | what | |
| कहेंगे | will say | |
| सुनकर | having heard | |
| तुम | you | |
| को | to | |
| लोग | people |
भावार्थ
क्या राम जैसा पुत्र वन भेजे जाने योग्य है? यह सुनकर लोग तुम्हें क्या कहेंगे?
Is a son like Rama fit to be sent to the forest? What will people say to you when they hear this?
। ।।
| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| उठो | rise | |
| जल्दी | quickly | |
| वही | that very | |
| करो | do; carry out | |
| उपाय | measure; remedy | |
| जिस | which; by which | |
| विधि से; तरीके से | by the method; in the way | |
| शोक | sorrow | |
| कलंक; बदनामी | disgrace; dishonor | |
| मिट जाएँ; दूर हों | may be removed; disappear |
भावार्थ
जल्दी उठो और वही उपाय करो जिससे शोक और कलंक मिट जाएँ।
Rise quickly and take the measure that will remove sorrow and disgrace.
छंद और सोरठा · पृ. 385
जेहि भाँति सोकु कलंकु जाइ उपाय करि कुल पालही।
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जेहि | जिस | by whichever |
| भाँति | रीति से | means or manner |
| सोकु | शोक | grief |
| कलंकु | कलंक | disgrace |
| जाइ | दूर हो जाए | may go away |
| उपाय | उपाय | remedial measures |
| करि | करके | having taken |
| कुल | कुल की | the family |
पालहीटिप्पणीसंबोधित व्यक्ति से आग्रह। / An exhortation to the person addressed. | रक्षा करो | protect |
भावार्थ
एआई प्रारूप: जिस प्रकार शोक और कलंक मिटें, वैसा उपाय करके कुल की रक्षा करो।
AI draft: Take measures that will remove grief and disgrace, and protect the family.
हठि फेरु रामहि जात बन जनि बात दूसरि चालही॥
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हठि | हठपूर्वक आग्रह करके | with firm insistence |
| फेरु | लौटा लो | bring back |
रामहिटिप्पणी‘हि’ यहाँ कर्म-सूचक है। / The ending marks the object here. | राम को | Rama |
| जात | जाते हुए | going |
| बन | वन को | to the forest |
| जनि | मत | do not |
| बात | बात या प्रस्ताव | proposal or topic |
| दूसरि | दूसरी | another |
| चालही | चलाओ या उठाओ | raise or pursue |
भावार्थ
वन जाते हुए राम को आग्रहपूर्वक लौटा लो; दूसरी बात मत चलाओ।
Insist on bringing Rama back as he leaves for the forest; do not raise any other proposal.
जिमि भानु बिनु दिनु प्रान बिनु तनु चंद बिनु जिमि जामिनी।
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जिमि | जैसे | just as |
| भानु | सूर्य | the sun |
| बिनु | बिना | without |
| दिनु | दिन | day |
| प्रान | प्राणों | life |
| बिनु | बिना | without |
| तनु | शरीर | the body |
| चंद | चंद्रमा | the moon |
| बिनु | बिना | without |
| जिमि | जैसे | just as |
| जामिनी | रात | night |
भावार्थ
जैसे सूर्य के बिना दिन, प्राणों के बिना शरीर और चंद्रमा के बिना रात होती है—
As day is without the sun, the body without life, and night without the moon—
तिमि अवध तुलसीदास प्रभु बिनु समुझि धौं जियँ भामिनी॥
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तिमि | उसी प्रकार | likewise |
| अवध | अयोध्या | Ayodhya |
तुलसीदासटिप्पणीकवि का नाम-संकेत; ‘कहते हैं’ भावार्थ में है। / Poet's signature; “says” is implicit. | कवि तुलसीदास कहते हैं | the poet Tulsidas says |
| प्रभु | प्रभु राम | Lord Rama |
| बिनु | बिना | without |
| समुझि | समझकर देखो | consider |
धौंटिप्पणीविचार करने के आग्रह को बल देने वाला अव्यय। / A particle emphasizing the appeal to reflect. | तो भला | do, then |
| जियँ | अपने हृदय में | in your heart |
| भामिनी | हे भामिनी, हे कैकेयी | O lady, addressed to Kaikeyi |
भावार्थ
तुलसीदास कहते हैं: प्रभु राम के बिना अवध भी वैसी ही होगी; हे भामिनी, अपने हृदय में यह समझकर देखो।
Tulsidas says: Ayodhya will likewise be without Lord Rama; O lady, consider this in your heart.
सखिन्ह सिखावनु दीन्ह सुनत मधुर परिनाम हित।
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
सखिन्हटिप्पणी‘न्ह’ बहुवचन रूप है; यहाँ सखियाँ कर्ता हैं। / A plural form; the companions are the agents here. | सखियों ने | her female companions |
| सिखावनु | सीख या सलाह | counsel |
| दीन्ह | दी | gave |
| सुनत | सुनने में | to hear |
| मधुर | मधुर | pleasant |
| परिनाम | परिणाम में | in its outcome |
| हित | हितकारी | beneficial |
भावार्थ
सखियों ने ऐसी सीख दी जो सुनने में मधुर और परिणाम में हितकारी थी।
Her companions offered counsel that was pleasant to hear and beneficial in its outcome.
तेइँ कछु कान न कीन्ह कुटिल प्रबोधी कूबरी॥ ५०॥
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तेइँ | उसने, अर्थात कैकेयी ने | she, meaning Kaikeyi |
| कछु | कुछ भी या तनिक भी | at all |
कानटिप्पणी‘कान कीन्ह’ का भाव ध्यान देना है। / With ‘कीन्ह’, this means to pay heed. | कान या ध्यान | ear or heed |
| न | नहीं | not |
कीन्हटिप्पणीयहाँ ‘कान’ के साथ: ध्यान दिया। / Here with ‘कान’: paid heed. | दिया | paid |
| कुटिल | कुटिल या कपटी | deceitful |
प्रबोधीटिप्पणीकैकेयी को कूबरी ने समझाया था। / Describes Kaikeyi as persuaded by the hunchback. | समझाई या सिखाई हुई | tutored or persuaded |
| कूबरी | कुबड़ी मंथरा द्वारा | by the hunchback Manthara |
भावार्थ
पर कुटिल कुबड़ी मंथरा की समझाई हुई कैकेयी ने उस सीख पर तनिक भी ध्यान नहीं दिया।
But Kaikeyi, tutored by the deceitful hunchback Manthara, paid no heed at all to that counsel.