अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जौं नहिं लगिहहु कहें हमारे। नहिं लागिहि कछु हाथ तुम्हारे।।
मूल पाठ
जौं नहिं लगिहहु कहें हमारे। नहिं लागिहि कछु हाथ तुम्हारे।।
जौं परिहास कीन्हि कछु होई। तौ कहि प्रगट जनावहु सोई।।
स्रोत अभिलेख 2.5 · पुस्तक पृ. 385, 385
भावार्थ
मूल पाठ के बादजो तुम हमारे कहनेपर न चलोगी तो तुम्हारे हाथ कुछ भी न लगेगा। यदि तुमने कुछ हँसी की हो तो उसे प्रकटमें कहकर जना दो [कि मैंने दिल्लगी की है]॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 385 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 जौं नहिं लगिहहु कहें हमारे। नहिं लागिहि कछु हाथ तुम्हारे।।
English explanation
If you do not heed our advice, you will gain nothing.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जौं | यदि | if |
| नहिं | नहीं | not |
| लगिहहु | चलोगी; मानोगी | you will follow; heed |
| कहें | कहे पर; सलाह पर | what is said; advice |
| हमारे | हमारे | our |
| नहिं | नहीं | not |
| लागिहि | लगेगा; प्राप्त होगा | will come; will be gained |
| कछु | कुछ भी | anything |
| हाथ | हाथ में | into the hands |
| तुम्हारे | तुम्हारे | your |
2 जौं परिहास कीन्हि कछु होई। तौ कहि प्रगट जनावहु सोई।।
English explanation
If you have done any of this in jest, then say so and make it clear.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जौं | यदि | if |
| परिहास | हँसी-मज़ाक में | in jest |
| कीन्हि | किया | done |
| कछु | कुछ | something; any of this |
| होई | हो | may have; have |
| तौ | तो | then |
| कहि | कहकर | by saying |
| प्रगट | स्पष्ट रूप से | plainly; clearly |
| जनावहु | बता दो | make known |
| सोई | वही बात | that very thing |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.5
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 385
- सहायक विषय
- श्रीराम-दशरथ-संवाद, अवध-वासियोंका विषाद, कैकेयीको समझाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 385, 385
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।