अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
राम जनमि जगु कीन्ह उजागर। रूप सील सुख सब गुन सागर।।
मूल पाठ
राम जनमि जगु कीन्ह उजागर। रूप सील सुख सब गुन सागर।।
पुरजन परिजन गुर पितु माता। राम सुभाउ सबहि सुखदाता।।
स्रोत अभिलेख 2.2 · पुस्तक पृ. 509, 510
भावार्थ
मूल पाठ के बादश्रीरामचन्द्रजीने जन्म (अवतार) लेकर जगत्को प्रकाशित (परम सुशोभित) कर दिया। वे रूप, शील, सुख और समस्त गुणोंके समुद्र हैं। पुरवासी, कुटुम्बी, गुरु, पिता-माता सभीको श्रीरामजीका स्वभाव सुख देनेवाला है॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 509 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 राम जनमि जगु कीन्ह उजागर। रूप सील सुख सब गुन सागर।।
English explanation
By taking birth, Rama made the world radiant; he is an ocean of beauty, noble character, happiness, and every virtue.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राम | राम | Rama |
| जनमि | जन्म लेकर | having taken birth |
| जगु | जगत को | the world |
| कीन्ह | किया | made |
| उजागर | उज्ज्वल; प्रकाशित | radiant; illumined |
| रूप | सौंदर्य | beauty |
| सील | शील; सदाचरण | noble character |
| सुख | सुख | happiness |
| सब | सभी | all |
| गुन | गुण | virtues |
| सागर | सागर; अपार भंडार | ocean; boundless store |
2 पुरजन परिजन गुर पितु माता। राम सुभाउ सबहि सुखदाता।।
English explanation
Rama’s nature brings happiness to everyone—the townspeople, family, teacher, father, and mother.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पुरजन | नगरवासी | townspeople |
| परिजन | परिवारजन | family members |
| गुर | गुरु | teacher; preceptor |
| पितु | पिता | father |
| माता | माता | mother |
| राम | राम का | Rama’s |
| सुभाउ | स्वभाव | nature |
| सबहि | सबको | to everyone |
| सुखदाता | सुख देने वाला | bringing happiness |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.2
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 509
- सहायक विषय
- भरत-निषाद-मिलन और संवाद एवं भरतजीका तथा नगरवासियोंका प्रेम
- मुद्रित पृष्ठ
- 509, 510
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।