अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
रचहु मंजु मनि चौकें चारू। कहहु बनावन बेगि बजारू।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दसुन्दर मणियोंके मनोहर चौक पुरवाओ और बाजारको तुरंत सजानेके लिये कह दो। श्रीगणेशजी, गुरु और कुलदेवताकी पूजा करो और भूदेव ब्राह्मणोंकी सब प्रकारसे सेवा करो॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 348 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
रचहु मंजु मनि चौकें चारू। कहहु बनावन बेगि बजारू।।
पूजहु गनपति गुर कुलदेवा। सब बिधि करहु भूमिसुर सेवा।।
स्रोत अभिलेख 2.6 · पुस्तक पृ. 348, 348
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 रचहु मंजु मनि चौकें चारू। कहहु बनावन बेगि बजारू।।
English explanation
“Create lovely, elegant ceremonial floor designs with gems, and order the marketplace to be decorated promptly.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रचहु | बनाओ | create |
| मंजु | मनोहर | lovely |
| मनि | मणियों से | with gems |
| चौकें | मंगल चौक-रचनाएँ | ceremonial floor designs |
| चारू | सुंदर | elegant |
| कहहु | कहो | instruct |
| बनावन | सजाने के लिए | to decorate |
| बेगि | शीघ्र | quickly |
| बजारू | बाजार | the marketplace |
2 पूजहु गनपति गुर कुलदेवा। सब बिधि करहु भूमिसुर सेवा।।
English explanation
“Worship Ganesha, the guru, and the family deity, and serve the Brahmins in every way.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पूजहु | पूजन करो | worship |
| गनपति | गणेशजी | Ganesha |
| गुर | गुरु | the guru |
| कुलदेवा | कुलदेवता | the family deity |
| सब | सभी | every |
| बिधि | प्रकार से | way |
| करहु | करो | perform |
| भूमिसुर | ब्राह्मणों की | for the Brahmins |
| सेवा | सेवा | service |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.6
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 348
- सहायक विषय
- रामराज्याभिषेककी तैयारी, देवताओंकी व्याकुलता तथा सरस्वतीजीसे उनकी प्रार्थना
- मुद्रित पृष्ठ
- 348, 348
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।