अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बेद बिदित कहि सकल बिधाना। कहेउ रचहु पुर बिबिध बिताना।।
मूल पाठ
बेद बिदित कहि सकल बिधाना। कहेउ रचहु पुर बिबिध बिताना।।
सफल रसाल पूगफल केरा। रोपहु बीथिन्ह पुर चहुँ फेरा।।
स्रोत अभिलेख 2.6 · पुस्तक पृ. 348, 348
भावार्थ
मूल पाठ के बादमुनिने वेदोंमें कहा हुआ सब विधान बताकर कहा—नगरमें बहुत-से मण्डप (चँदोवे) सजाओ। फलोंसमेत आम, सुपारी और केलेके वृक्ष नगरकी गलियोंमें चारों ओर रोप दो॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 348 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 बेद बिदित कहि सकल बिधाना। कहेउ रचहु पुर बिबिध बिताना।।
English explanation
After explaining all the procedures prescribed in the Vedas, he said, “Set up various canopies in the city.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बेद | वेदों में | in the Vedas |
| बिदित | बताए गए | prescribed |
| कहि | बताकर | having explained |
| सकल | सभी | all |
| बिधाना | विधान | ritual procedures |
| कहेउ | कहा | said |
| रचहु | लगाओ | set up |
| पुर | नगर में | in the city |
| बिबिध | विविध | various |
| बिताना | चँदोवे | canopies |
2 सफल रसाल पूगफल केरा। रोपहु बीथिन्ह पुर चहुँ फेरा।।
English explanation
“Plant fruit-bearing mango, areca, and banana trees along the streets throughout the city.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सफल | फलों सहित | bearing fruit |
| रसाल | आम के पेड़ | mango trees |
| पूगफल | सुपारी के पेड़ | areca palms |
| केरा | केले के पेड़ | banana plants |
| रोपहु | रोपो | plant |
| बीथिन्ह | गलियों में | in the streets |
| पुर | नगर की | of the city |
| चहुँ | चारों | all four |
| फेरा | ओर | directions |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.6
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 348
- सहायक विषय
- रामराज्याभिषेककी तैयारी, देवताओंकी व्याकुलता तथा सरस्वतीजीसे उनकी प्रार्थना
- मुद्रित पृष्ठ
- 348, 348
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