अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
चामर चरम बसन बहु भाँती। रोम पाट पट अगनित जाती।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दचँवर, मृगचर्म, बहुत प्रकारके वस्त्र, असंख्यों जातियोंके ऊनी और रेशमी कपड़े, [नाना प्रकारकी] मणियाँ (रत्न) तथा और भी बहुत-सी मङ्गल वस्तुएँ, जो जगत्में राज्याभिषेकके योग्य होती हैं [सबको मँगानेकी उन्होंने आज्ञा दी]॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 348 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
चामर चरम बसन बहु भाँती। रोम पाट पट अगनित जाती।।
मनिगन मंगल बस्तु अनेका। जो जग जोगु भूप अभिषेका।।
स्रोत अभिलेख 2.6 · पुस्तक पृ. 348, 348
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 चामर चरम बसन बहु भाँती। रोम पाट पट अगनित जाती।।
English explanation
He also named fly-whisks, hides, and clothing of many kinds—wool, silk, and countless varieties of cloth.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| चामर | चँवर | ceremonial fly-whisks |
| चरम | चर्म | hides |
| बसन | वस्त्र | garments |
| बहु | अनेक | many |
| भाँती | प्रकार के | kinds of |
| रोम | ऊन अथवा ऊनी सामग्री | wool or woollen materials |
| पाट | रेशम | silk |
| पट | कपड़े | cloth |
| अगनित | अनगिनत | countless |
| जाती | किस्मों के | of varieties |
2 मनिगन मंगल बस्तु अनेका। जो जग जोगु भूप अभिषेका।।
English explanation
He also named gems and many auspicious objects suitable in this world for a king’s consecration.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मनिगन | मणियों का समूह | an assortment of gems |
| मंगल | शुभ | auspicious |
| बस्तु | वस्तुएँ | objects |
| अनेका | अनेक | many |
| जो | जो | which |
| जग | संसार में | in the world |
| जोगु | योग्य हैं | are suitable |
| भूप | राजा के | for a king’s |
| अभिषेका | अभिषेक के लिए | consecration |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.6
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 348
- सहायक विषय
- रामराज्याभिषेककी तैयारी, देवताओंकी व्याकुलता तथा सरस्वतीजीसे उनकी प्रार्थना
- मुद्रित पृष्ठ
- 348, 348
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।