अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
हरषि मुनीस कहेउ मृदु बानी। आनहु सकल सुतीरथ पानी।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दमुनिराजने हॢषत होकर कोमल वाणीसे कहा कि सम्पूर्ण श्रेष्ठ तीर्थोंका जल ले आओ। फिर उन्होंने ओषधि, मूल, फूल, फल और पत्र आदि अनेकों माङ्गलिक वस्तुओंके नाम गिनकर बताये॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 348 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
हरषि मुनीस कहेउ मृदु बानी। आनहु सकल सुतीरथ पानी।।
औषध मूल फूल फल पाना। कहे नाम गनि मंगल नाना।।
स्रोत अभिलेख 2.6 · पुस्तक पृ. 348, 348
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 हरषि मुनीस कहेउ मृदु बानी। आनहु सकल सुतीरथ पानी।।
English explanation
AI draft: The eminent sage Vashishtha joyfully said in gentle words, “Bring water from all the sacred pilgrimage places.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हरषि | प्रसन्न होकर | rejoicing |
| मुनीस | मुनिश्रेष्ठ वसिष्ठ | the eminent sage Vashishtha |
| कहेउ | कहा | said |
| मृदु | कोमल | gentle |
| बानी | वाणी में | in words |
| आनहु | लाओ | bring |
| सकल | सभी | all |
| सुतीरथ | पवित्र तीर्थों का | from sacred pilgrimage places |
| पानी | जल | water |
2 औषध मूल फूल फल पाना। कहे नाम गनि मंगल नाना।।
English explanation
He enumerated the names of herbs, roots, flowers, fruits, leaves, and various auspicious materials.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| औषध | औषधियाँ | medicinal herbs |
| मूल | जड़ें | roots |
| फूल | फूल | flowers |
| फल | फल | fruits |
| पाना | पत्ते | leaves |
| कहे | बताए | stated |
| नाम | नाम | names |
| गनि | गिनाकर | enumerating |
| मंगल | शुभ सामग्री | auspicious materials |
| नाना | अनेक प्रकार की | of various kinds |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.6
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 348
- सहायक विषय
- रामराज्याभिषेककी तैयारी, देवताओंकी व्याकुलता तथा सरस्वतीजीसे उनकी प्रार्थना
- मुद्रित पृष्ठ
- 348, 348
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।