अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मोहि समान को पाप निवासू। जेहि लगि सीय राम बनबासू।।
मूल पाठ
मोहि समान को पाप निवासू। जेहि लगि सीय राम बनबासू।।
रायँ राम कहुँ काननु दीन्हा। बिछुरत गमनु अमरपुर कीन्हा।।
स्रोत अभिलेख 2.179 · पुस्तक पृ. 491, 492
भावार्थ
मूल पाठ के बादमेरे समान पापोंका घर कौन होगा, जिसके कारण सीताजी और श्रीरामजीका वनवास हुआ? राजाने श्रीरामजीको वन दिया और उनके बिछुड़ते ही स्वयं स्वर्गको गमन किया॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 492 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 मोहि समान को पाप निवासू। जेहि लगि सीय राम बनबासू।।
English explanation
Who is an abode of sin like me, on whose account Sita and Rama went into exile?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मोहि | मेरे | me |
| समान | समान | like |
| को | कौन | who |
| पाप | पापों का | of sin |
| निवासू | निवास; घर | abode |
| जेहि | जिसके | whose |
| लगि | कारण | on account of |
| सीय | सीता | Sita, Rama’s wife |
| राम | राम | Rama |
| बनबासू | वनवास हुआ | exile in the forest |
2 रायँ राम कहुँ काननु दीन्हा। बिछुरत गमनु अमरपुर कीन्हा।।
English explanation
King Dasharatha sent Rama to the forest and, upon being parted from him, departed for heaven.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रायँ | राजा दशरथ ने | King Dasharatha |
| राम | राम | Rama |
| कहुँ | को | to |
| काननु | वन; वनवास | the forest; forest exile |
| दीन्हा | दिया | gave |
| बिछुरत | बिछुड़ते ही | upon being separated |
| गमनु | प्रस्थान | departure |
| अमरपुर | स्वर्ग | heaven |
| कीन्हा | किया | made |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.179
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 492
- सहायक विषय
- वसिष्ठ-भरत-संवाद, श्रीरामजीको लानेके लिये चित्रकूट जानेकी तैयारी
- मुद्रित पृष्ठ
- 491, 492
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