अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मैं सठु सब अनरथ कर हेतू। बैठ बात सब सुनउँ सचेतू।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दऔर मैं दुष्ट, जो सारे अनर्थोंका कारण हूँ, होश-हवासमें बैठा सब बातें सुन रहा हूँ! श्रीरघुनाथजीसे रहित घरको देखकर और जगत्का उपहास सहकर भी ये प्राण बने हुए हैं॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 492 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
मैं सठु सब अनरथ कर हेतू। बैठ बात सब सुनउँ सचेतू।।
बिनु रघुबीर बिलोकि अबासू। रहे प्रान सहि जग उपहासू।।
स्रोत अभिलेख 2.179 · पुस्तक पृ. 491, 492
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 मैं सठु सब अनरथ कर हेतू। बैठ बात सब सुनउँ सचेतू।।
English explanation
I, a fool, am the cause of all these calamities, yet I sit fully conscious and hear everything.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मैं | मैं | I |
| सठु | मूर्ख | a fool |
| सब | सभी | all |
| अनरथ | अनर्थों | calamities |
| कर | का | of |
| हेतू | कारण | cause |
| बैठ | बैठकर; बैठा हुआ | sitting |
| बात | बातें | the accounts |
| सब | सारी | all |
| सुनउँ | मैं सुनता हूँ | I hear |
| सचेतू | होश में | fully conscious |
2 बिनु रघुबीर बिलोकि अबासू। रहे प्रान सहि जग उपहासू।।
English explanation
Even after seeing the home without Rama and enduring the world’s ridicule, I remained alive.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिनु | बिना | without |
| रघुबीर | रघुवंश के वीर राम | Rama, hero of Raghu’s lineage |
| बिलोकि | देखकर | having seen |
| अबासू | निवास; घर | the dwelling; home |
| रहे | बने रहे | remained |
| प्रान | प्राण | life |
| सहि | सहकर | enduring |
| जग | संसार का | the world’s |
| उपहासू | उपहास | ridicule |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.179
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 492
- सहायक विषय
- वसिष्ठ-भरत-संवाद, श्रीरामजीको लानेके लिये चित्रकूट जानेकी तैयारी
- मुद्रित पृष्ठ
- 491, 492
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।