अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कहउँ साँचु सब सुनि पतिआहू। चाहिअ धरमसील नरनाहू।।
मूल पाठ
कहउँ साँचु सब सुनि पतिआहू। चाहिअ धरमसील नरनाहू।।
मोहि राजु हठि देइहहु जबहीं। रसा रसातल जाइहि तबहीं।।
स्रोत अभिलेख 2.179 · पुस्तक पृ. 491, 492
भावार्थ
मूल पाठ के बादमैं सत्य कहता हूँ, आप सब सुनकर विश्वास करें, धर्मशीलको ही राजा होना चाहिये। आप मुझे हठ करके ज्यों ही राज्य देंगे त्यों ही पृथ्वी पातालमें धँस जायगी॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 491 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 कहउँ साँचु सब सुनि पतिआहू। चाहिअ धरमसील नरनाहू।।
English explanation
I speak the truth; let everyone hear and believe it. A king should be righteous.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कहउँ | मैं कहता हूँ | I say |
| साँचु | सत्य | the truth |
| सब | आप सब | all of you |
| सुनि | सुनकर | having heard |
| पतिआहू | विश्वास कीजिए | believe it |
| चाहिअ | होना चाहिए | should be |
| धरमसील | धर्मशील; सदाचारी | righteous; virtuous |
| नरनाहू | राजा | king |
2 मोहि राजु हठि देइहहु जबहीं। रसा रसातल जाइहि तबहीं।।
English explanation
The moment you insist on giving me the kingdom, the earth will sink into the netherworld.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मोहि | मुझे | to me |
| राजु | राज्य | the kingdom |
| हठि | हठ करके | insistently |
| देइहहु | आप देंगे | you will give |
| जबहीं | जब ही | the very moment when |
| रसा | पृथ्वी | the earth |
| रसातल | रसातल; अधोलोक | the netherworld |
| जाइहि | चली जाएगी | will descend |
| तबहीं | उसी समय | at that very moment |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.179
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 491
- सहायक विषय
- वसिष्ठ-भरत-संवाद, श्रीरामजीको लानेके लिये चित्रकूट जानेकी तैयारी
- मुद्रित पृष्ठ
- 491, 492
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।