अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बिबुध बिपिन जहँ लगि जग माहीं। देखि राम बनु सकल सिहाहीं।।
मूल पाठ
बिबुध बिपिन जहँ लगि जग माहीं। देखि राम बनु सकल सिहाहीं।।
सुरसरि सरसइ दिनकर कन्या। मेकलसुता गोदावरि धन्या।।
स्रोत अभिलेख 2.138 · पुस्तक पृ. 458, 459
भावार्थ
मूल पाठ के बादजगत्में जहाँतक (जितने) देवताओंके वन हैं,सब श्रीरामजीके वनको देखकर सिहाते हैं। गङ्गा, सरस्वती,सूर्यकुमारी यमुना, नर्मदा, गोदावरी आदि धन्य (पुण्यमयी) नदियाँ,॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 458 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 बिबुध बिपिन जहँ लगि जग माहीं। देखि राम बनु सकल सिहाहीं।।
English explanation
All the divine groves throughout the world look upon Rama’s forest with admiring envy.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिबुध | देवताओं के | of the gods |
| बिपिन | वन | groves |
| जहँ | जहाँ | wherever |
| लगि | तक | as far as |
| जग | जगत | the world |
| माहीं | में | in |
| देखि | देखकर | on seeing |
| राम | राम का | Rama’s |
| बनु | वन | forest |
| सकल | सभी | all |
| सिहाहीं | ईर्ष्याभरी प्रशंसा करते हैं | admire with envy |
2 सुरसरि सरसइ दिनकर कन्या। मेकलसुता गोदावरि धन्या।।
English explanation
The Ganges, Saraswati, the Sun’s daughter Yamuna, Mekala’s daughter Narmada, and the blessed Godavari are among those praising the Mandakini in the next line.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुरसरि | गंगा नदी | the Ganges, river of the gods |
| सरसइ | सरस्वती नदी | the Saraswati River |
| दिनकर | सूर्य की | of the Sun |
| कन्या | पुत्री, यमुना | daughter, Yamuna |
| मेकलसुता | मेकल पर्वत की पुत्री नर्मदा | Narmada, daughter of Mount Mekala |
| गोदावरि | गोदावरी नदी | the Godavari River |
| धन्या | धन्य | blessed |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.138
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 458
- सहायक विषय
- चित्रकूटमें निवास, कोल-भीलोंके द्वारा सेवा
- मुद्रित पृष्ठ
- 458, 459
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।