अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
केरि केहरि कपि कोल कुरंगा। बिगतबैर बिचरहिं सब संगा।।
मूल पाठ
केरि केहरि कपि कोल कुरंगा। बिगतबैर बिचरहिं सब संगा।।
फिरत अहेर राम छबि देखी। होहिं मुदित मृगबंद बिसेषी।।
स्रोत अभिलेख 2.138 · पुस्तक पृ. 458, 459
भावार्थ
मूल पाठ के बादहाथी, सिं ह, बंदर, सूअर और हिरन—ये सब वैर छोड़कर साथ-साथ विचरते हैं। शिकारके लिये फिरते हुए श्रीरामचन्द्रजीकी छबिको देखकर पशुओंके समूह विशेष आनन्दित होते हैं॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 458 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 केरि केहरि कपि कोल कुरंगा। बिगतबैर बिचरहिं सब संगा।।
English explanation
AI draft: Elephants, lions, monkeys, boars, and deer all roam together without enmity. (The reading ‘केरि’ is uncertain.)
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| केरि | हाथी | elephants |
| केहरि | सिंह | lions |
| कपि | बंदर | monkeys |
| कोल | जंगली सूअर | wild boars |
| कुरंगा | हिरण | deer |
| बिगतबैर | वैर से रहित | free from enmity |
| बिचरहिं | विचरते हैं | roam |
| सब | सभी | all |
| संगा | एक साथ | together |
2 फिरत अहेर राम छबि देखी। होहिं मुदित मृगबंद बिसेषी।।
English explanation
The roaming herds of game animals become especially joyful on seeing Rama’s beauty.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| फिरत | विचरते हुए | roaming |
| अहेर | शिकार के पशु | game animals |
| राम | राम की | of Rama |
| छबि | सुंदर छवि | beautiful appearance |
| देखी | देखकर | on seeing |
| होहिं | होते हैं | become |
| मुदित | आनंदित | joyful |
| मृगबंद | वन्य पशुओं के झुंड | herds of wild animals |
| बिसेषी | विशेष रूप से | especially |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.138
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 458
- सहायक विषय
- चित्रकूटमें निवास, कोल-भीलोंके द्वारा सेवा
- मुद्रित पृष्ठ
- 458, 459
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।