अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बिधि कैकेई किरातिनि कीन्ही। जेंहि दव दुसह दसहुँ दिसि दीन्ही।।
मूल पाठ
बिधि कैकेई किरातिनि कीन्ही। जेंहि दव दुसह दसहुँ दिसि दीन्ही।।
सहि न सके रघुबर बिरहागी। चले लोग सब ब्याकुल भागी।।
स्रोत अभिलेख 2.84 · पुस्तक पृ. 412, 413
भावार्थ
मूल पाठ के बादविधाताने कैकेयीको भीलनी बनाया, जिसने दसों दिशाओंमें दु:सह दावाग्नि (भयानक आग) लगा दी। श्रीरामचन्द्रजीके विरहकी इस अग्निको लोग सह न सके। सब लोग व्याकुल होकर भाग चले॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 413 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 बिधि कैकेई किरातिनि कीन्ही। जेंहि दव दुसह दसहुँ दिसि दीन्ही।।
English explanation
The Creator made Kaikeyi, as it were, a huntress who set an unbearable forest fire in all ten directions.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिधि | विधाता ने | the Creator |
| कैकेई | रानी कैकेयी को | Queen Kaikeyi |
| किरातिनि | शिकारिन | a huntress |
| कीन्ही | बना दिया | made |
| जेंहि | जिसने | who |
| दव | दावानल | a forest fire |
| दुसह | असह्य | unbearable |
| दसहुँ | दसों | all ten |
| दिसि | दिशाओं में | in the directions |
| दीन्ही | लगा दिया | set ablaze |
2 सहि न सके रघुबर बिरहागी। चले लोग सब ब्याकुल भागी।।
English explanation
Unable to bear the fire of separation from Rama, all the people fled in anguish.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सहि | सह | bear |
| न | नहीं | not |
| सके | सकते थे | could |
| रघुबर | रघुकुलश्रेष्ठ राम के | from Rama, foremost of Raghu's line |
| बिरहागी | विरह की आग | the fire of separation |
| चले | चल पड़े | set out |
| लोग | लोग | the people |
| सब | सभी | all |
| ब्याकुल | व्याकुल होकर | in anguish |
| भागी | भागकर | fleeing |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.84
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 413
- सहायक विषय
- श्रीराम-सीता-लक्ष्मणका वनगमन और नगर-निवासियोंको सोये छोड़कर आगे बढ़ना
- मुद्रित पृष्ठ
- 412, 413
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।