अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बारहिं बार जोरि जुग पानी। कहत रामु सब सन मृदु बानी।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दश्रीरामचन्द्रजी बार-बार दोनों हाथ जोड़कर सबसे कोमल वाणी कहते हैं कि मेरा सब प्रकारसे हितकारी मित्र वही होगा जिसकी चेष्टासे महाराज सुखी रहें॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 410 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
बारहिं बार जोरि जुग पानी। कहत रामु सब सन मृदु बानी।।
सोइ सब भाँति मोर हितकारी। जेहि तें रहै भुआल सुखारी।।
स्रोत अभिलेख 2.8 · पुस्तक पृ. 409, 410
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 बारहिं बार जोरि जुग पानी। कहत रामु सब सन मृदु बानी।।
English explanation
Again and again, Rama joined both hands and addressed everyone gently.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बारहिं | बार-बार के प्रयोग का पहला पद | time after time |
| बार | बार | time |
| जोरि | जोड़कर | having joined |
| जुग | दोनों | both |
| पानी | हाथ | hands |
| कहत | कहते थे | was saying |
| रामु | राम | Rama |
| सब | सब | everyone |
| सन | से | to |
| मृदु | कोमल | gentle |
| बानी | वाणी में | in speech |
2 सोइ सब भाँति मोर हितकारी। जेहि तें रहै भुआल सुखारी।।
English explanation
Whoever keeps King Dasharatha happy is truly my well-wisher in every way.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सोइ | वही व्यक्ति | that very person |
| सब | हर | every |
| भाँति | प्रकार से | in way |
| मोर | मेरा | my |
| हितकारी | हित चाहने वाला | well-wisher |
| जेहि | जिस व्यक्ति | whom |
| तें | के कारण | because of |
| रहै | रहें | remains |
| भुआल | राजा दशरथ | King Dasharatha |
| सुखारी | सुखी | happy |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.8
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 410
- सहायक विषय
- श्रीराम-सीता-लक्ष्मणका वनगमन और नगर-निवासियोंको सोये छोड़कर आगे बढ़ना
- मुद्रित पृष्ठ
- 409, 410
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