अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
प्रथम कुमत करि कपटु सँकेला। सो उचाटु सब कें सिर मेला।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दपहले तो कुमत (बुरा विचार) करके कपटको बटोरा (अनेक प्रकारके कपटका साज सजा)। फिर वह (कपटजनित) उचाट सबके सिरपर डाल दिया। फिर देवमायासे सब लोगोंको विशेषरूपसे मोहित कर दिया। किन्तु श्रीरामचन्द्रजीके प्रेमसे उनका अत्यन्त बिछोह नहीं हुआ (अर्थात् उनका श्रीरामजीके प्रति प्रेम कुछ तो बना ही रहा)॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 596 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
प्रथम कुमत करि कपटु सँकेला। सो उचाटु सब कें सिर मेला।।
सुरमायाँ सब लोग बिमोहे। राम प्रेम अतिसय न बिछोहे।।
स्रोत अभिलेख 2.302 · पुस्तक पृ. 596, 597
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 प्रथम कुमत करि कपटु सँकेला। सो उचाटु सब कें सिर मेला।।
English explanation
First Indra devised a wicked plan and contrived a deception; then he laid that unsettling anxiety upon everyone.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| प्रथम | पहले | first |
| कुमत | बुरी युक्ति | a wicked plan |
| करि | करके; सोचकर | having devised |
| कपटु | छल | deception |
| सँकेला | रचा; जुटाया | contrived; assembled |
| सो | वह; उसी को | that; that very |
| उचाटु | चित्त की व्याकुलता | mental unrest |
| सब | सब लोगों | all people |
| कें | के | of |
| सिर | सिर पर | upon the head |
| मेला | डाल दिया | cast; imposed |
2 सुरमायाँ सब लोग बिमोहे। राम प्रेम अतिसय न बिछोहे।।
English explanation
The gods’ illusion bewildered everyone, yet their profound love for Rama did not leave them.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुरमायाँ | देवताओं की माया से | by the gods’ illusion |
| सब | सभी | all |
| लोग | लोग | people |
| बिमोहे | भ्रमित हो गए | became bewildered |
| राम | राम के प्रति | for Rama |
| प्रेम | प्रेम | love |
| अतिसय | अत्यंत गहरा | exceedingly deep |
| न | नहीं | not |
| बिछोहे | छूटा; अलग हुआ | departed; became separated |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.302
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 596
- सहायक विषय
- श्रीराम-भरत-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 596, 597
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