अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
पुछिहहिं दीन दुखित सब माता। कहब काह मैं तिन्हहि बिधाता।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दजब दीन-दुखी सब माताएँ पूछेंगी, तब हे विधाता! मैं उन्हें क्या कहूँगा? जब लक्ष्मणजीकी माता मुझसे पूछेंगी, तब मैं उन्हें कौन-सा सुखदायी सँदेसा कहूँगा?॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 465 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
पुछिहहिं दीन दुखित सब माता। कहब काह मैं तिन्हहि बिधाता।।
पूछिहि जबहिं लखन महतारी। कहिहउँ कवन सँदेस सुखारी।।
स्रोत अभिलेख 2.146 · पुस्तक पृ. 465, 465
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 पुछिहहिं दीन दुखित सब माता। कहब काह मैं तिन्हहि बिधाता।।
English explanation
All the helpless, grieving mothers will ask; O Creator, what shall I tell them?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पुछिहहिं | पूछेंगी | will ask |
| दीन | दीन; असहाय | helpless |
| दुखित | दुखी | grieving |
| सब | सभी | all |
| माता | माताएँ | mothers |
| कहब | कहूँगा | shall say |
| काह | क्या | what |
| मैं | मैं | I |
| तिन्हहि | उनको | to them |
| बिधाता | हे विधाता | O Creator |
2 पूछिहि जबहिं लखन महतारी। कहिहउँ कवन सँदेस सुखारी।।
English explanation
When Lakshmana’s mother asks, what comforting message shall I give?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पूछिहि | पूछेंगी | will ask |
| जबहिं | जब ही | when |
| लखन | लक्ष्मण की | Lakshmana’s |
| महतारी | माता सुमित्रा | mother, Sumitra |
| कहिहउँ | मैं कहूँगा | shall I say |
| कवन | कौन-सा | what |
| सँदेस | संदेश | message |
| सुखारी | सुख देने वाला | comforting |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.146
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 465
- सहायक विषय
- सुमन्त्रका अयोध्याको लौटना और सर्वत्र शोक देखना
- मुद्रित पृष्ठ
- 465, 465
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।