अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
राम जननि जब आइहि धाई। सुमिरि बच्छु जिमि धेनु लवाई।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दश्रीरामजीकी माता जब इस प्रकार दौड़ी आवेंगी जैसे नयी ब्यायी हुई गौ बछड़ेको याद करके दौड़ी आती है, तब उनके पूछनेपर मैं उन्हें यह उत्तर दूँगा कि श्रीराम, लक्ष्मण, सीता वनको चले गये!॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 465 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
राम जननि जब आइहि धाई। सुमिरि बच्छु जिमि धेनु लवाई।।
पूँछत उतरु देब मैं तेही। गे बनु राम लखनु बैदेही।।
स्रोत अभिलेख 2.146 · पुस्तक पृ. 465, 465
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 राम जननि जब आइहि धाई। सुमिरि बच्छु जिमि धेनु लवाई।।
English explanation
When Rama’s mother comes running, like a newly calved cow remembering her calf.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राम | राम की | Rama’s |
| जननि | माता कौसल्या | mother, Kaushalya |
| जब | जब | when |
| आइहि | आएँगी | will come |
| धाई | दौड़कर | running |
| सुमिरि | याद करके | remembering |
| बच्छु | बछड़े को | her calf |
| जिमि | जैसे | like |
| धेनु | गाय | a cow |
| लवाई | नई ब्याई हुई | newly calved |
2 पूँछत उतरु देब मैं तेही। गे बनु राम लखनु बैदेही।।
English explanation
When she asks, I shall answer her: Rama, Lakshmana, and Sita have gone to the forest.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पूँछत | पूछने पर | on her asking |
| उतरु | उत्तर | an answer |
| देब | दूँगा | shall give |
| मैं | मैं | I |
| तेही | उन्हें; राम की माता को | to her, Rama’s mother |
| गे | चले गए | have gone |
| बनु | वन को | to the forest |
| राम | राम | Rama |
| लखनु | लक्ष्मण | Lakshmana, Rama’s brother |
| बैदेही | सीता; विदेह की राजकुमारी | Sita, princess of Videha |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.146
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 465
- सहायक विषय
- सुमन्त्रका अयोध्याको लौटना और सर्वत्र शोक देखना
- मुद्रित पृष्ठ
- 465, 465
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।