अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
नाहिं त मोर मरनु परिनामा। कछु न बसाइ भएँ बिधि बामा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दनहीं तो अन्तमें मेरा मरण ही होगा। विधाताके विपरीत होनेपर कुछ वश नहीं चलता। हा! राम, लक्ष्मण और सीताको लाकर दिखाओ। ऐसा कहकर राजा मूॢछत होकर पृथ्वीपर गिर पड़े॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 411 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
नाहिं त मोर मरनु परिनामा। कछु न बसाइ भएँ बिधि बामा।।
अस कहि मुरुछि परा महि राऊ। रामु लखनु सिय आनि देखाऊ।।
स्रोत अभिलेख 2.82 · पुस्तक पृ. 411, 412
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 नाहिं त मोर मरनु परिनामा। कछु न बसाइ भएँ बिधि बामा।।
English explanation
Otherwise, the outcome will be my death. Nothing can be done when fate turns adverse.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नाहिं | नहीं; यदि ऐसा न हो | if not |
| त | तो | then |
| मोर | मेरी | my |
| मरनु | मृत्यु | death |
| परिनामा | परिणाम | the outcome |
| कछु | कुछ भी | anything |
| न | नहीं | not |
| बसाइ | वश चलता | can be controlled |
| भएँ | होने पर | when becoming |
| बिधि | विधाता; भाग्य | Providence; fate |
| बामा | प्रतिकूल | adverse |
2 अस कहि मुरुछि परा महि राऊ। रामु लखनु सिय आनि देखाऊ।।
English explanation
Having said this, King Dasharatha fainted and fell to the ground: ‘Bring Rama, Lakshmana, and Sita and let me see them.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अस | ऐसा | thus |
| कहि | कहकर | having said |
| मुरुछि | मूर्छित होकर | having fainted |
| परा | गिर पड़े | fell |
| महि | धरती पर | to the ground |
| राऊ | राजा दशरथ | King Dasharatha |
| रामु | राम | Rama, Dasharatha’s son |
| लखनु | लक्ष्मण | Lakshmana, Rama’s brother |
| सिय | सीता | Sita, Rama’s wife |
| आनि | लाकर | having brought |
| देखाऊ | मुझे दिखाओ | let me see them |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.82
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 411
- सहायक विषय
- श्रीराम-सीता-लक्ष्मणका वनगमन और नगर-निवासियोंको सोये छोड़कर आगे बढ़ना
- मुद्रित पृष्ठ
- 411, 412
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।