अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
नहिं पद त्रान सीस नहिं छाया। पेमु नेमु ब्रतु धरमु अमाया।।
मूल पाठ
नहिं पद त्रान सीस नहिं छाया। पेमु नेमु ब्रतु धरमु अमाया।।
लखन राम सिय पंथ कहानी। पूँछत सखहि कहत मृदु बानी।।
स्रोत अभिलेख 2.216 · पुस्तक पृ. 523, 523
भावार्थ
मूल पाठ के बादन तो उनके पैरोंमें जूते हैं और न सिरपर छाया है। उनका प्रेम, नियम, व्रत और धर्म निष्कपट (सच्चा) है। वे सखा निषादराजसे लक्ष्मणजी, श्रीरामचन्द्रजी और सीताजीके रास्तेकी बातें पूछते हैं, और वह कोमल वाणीसे कहता है॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 523 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 नहिं पद त्रान सीस नहिं छाया। पेमु नेमु ब्रतु धरमु अमाया।।
English explanation
Bharata had no footwear and no shade over his head; his love, discipline, vow, and righteous conduct were free of deceit.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नहिं | नहीं | no |
| पद | पैरों के | for the feet |
| त्रान | रक्षक आवरण; जूते | protective covering; footwear |
| सीस | सिर पर | over the head |
| नहिं | नहीं | no |
| छाया | छाया; छत्र की आड़ | shade; shelter of a parasol |
| पेमु | प्रेम | love |
| नेमु | नियम; अनुशासन | observance; discipline |
| ब्रतु | व्रत | vow |
| धरमु | धर्म; धर्माचरण | righteous conduct |
| अमाया | कपट रहित | without deceit |
2 लखन राम सिय पंथ कहानी। पूँछत सखहि कहत मृदु बानी।।
English explanation
Bharata kept asking his friend Guha about Lakshmana, Rama, and Sita’s journey, and Guha answered in gentle words.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| लखन | लक्ष्मण की | of Lakshmana |
| राम | राम की | of Rama |
| सिय | सीता की | of Sita |
| पंथ | यात्रा की; रास्ते की | of the journey; along the route |
| कहानी | कथा; वृत्तांत | account |
| पूँछत | पूछते हुए | asking |
| सखहि | सखा गुह से | of his friend Guha |
| कहत | बताते हुए | recounting |
| मृदु | कोमल | gentle |
| बानी | वाणी में | in words |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.216
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 523
- सहायक विषय
- भरद्वाजद्वारा भरतका सत्कार
- मुद्रित पृष्ठ
- 523, 523
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।