अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
देव एक बिनती सुनि मोरी। उचित होइ तस करब बहोरी।।
मूल पाठ
देव एक बिनती सुनि मोरी। उचित होइ तस करब बहोरी।।
तिलक समाजु साजि सबु आना। करिअ सुफल प्रभु जौं मनु माना।।
स्रोत अभिलेख 2.268 · पुस्तक पृ. 567, 567
भावार्थ
मूल पाठ के बादहे देव! आप मेरी एक विनती सुनकर, फिर जैसा उचित हो वैसा ही कीजिये। राजतिलककी सब सामग्री सजाकर लायी गयी है, जो प्रभुका मन माने तो उसे सफल कीजिये (उसका उपयोग कीजिये)॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 567 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 देव एक बिनती सुनि मोरी। उचित होइ तस करब बहोरी।।
English explanation
Lord, hear one request of mine; then do whatever is fitting.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देव | हे देव | O lord |
| एक | एक | one |
| बिनती | विनती | request |
| सुनि | सुन लीजिए | please hear |
| मोरी | मेरी | mine |
| उचित | उचित | fitting |
| होइ | हो | may be |
| तस | वैसा | accordingly |
| करब | कीजिएगा | please do |
| बहोरी | फिर | then |
2 तिलक समाजु साजि सबु आना। करिअ सुफल प्रभु जौं मनु माना।।
English explanation
I have prepared and brought all the coronation materials. Lord, if you approve, please bring this preparation to fruition.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तिलक | राजतिलक की | for the coronation |
| समाजु | सामग्री | materials |
| साजि | तैयार करके | having prepared |
| सबु | सब | all |
| आना | लाया हूँ | have brought |
| करिअ | कीजिए | please make |
| सुफल | सफल | fruitful |
| प्रभु | हे प्रभु | O lord |
| जौं | यदि | if |
| मनु | आपका मन | your mind |
| माना | स्वीकार करे | approves |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.268
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 567
- सहायक विषय
- श्रीराम-भरतादिका संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 567, 567
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।