अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
देखत बन सर सैल सुहाए। बालमीकि आश्रम प्रभु आए।।
मूल पाठ
देखत बन सर सैल सुहाए। बालमीकि आश्रम प्रभु आए।।
राम दीख मुनि बासु सुहावन। सुंदर गिरि काननु जलु पावन।।
स्रोत अभिलेख 2.124 · पुस्तक पृ. 446, 447
भावार्थ
मूल पाठ के बादसुन्दर वन, तालाब और पर्वत देखते हुए प्रभु श्रीरामचन्द्रजी वाल्मीकिजीके आश्रममें आये। श्रीरामचन्द्रजीने देखा कि मुनिका निवासस्थान बहुत सुन्दर है, जहाँ सुन्दर पर्वत, वन और पवित्र जल है॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 447 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 देखत बन सर सैल सुहाए। बालमीकि आश्रम प्रभु आए।।
English explanation
Viewing lovely forests, lakes, and mountains, Lord Rama reached Valmiki’s hermitage.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देखत | देखते हुए | while viewing |
| बन | वन | forests |
| सर | सरोवर | lakes |
| सैल | पर्वत | mountains |
| सुहाए | सुंदर | lovely |
| बालमीकि | ऋषि वाल्मीकि के | of the sage Valmiki |
| आश्रम | आश्रम में | at the hermitage |
| प्रभु | प्रभु राम | Lord Rama |
| आए | पहुँचे | arrived |
2 राम दीख मुनि बासु सुहावन। सुंदर गिरि काननु जलु पावन।।
English explanation
Rama saw the sage’s charming dwelling, with beautiful hills, woodland, and pure water.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राम | राम ने | Rama |
| दीख | देखा | saw |
| मुनि | मुनि का | the sage’s |
| बासु | निवास | dwelling |
| सुहावन | मनोहर | charming |
| सुंदर | सुंदर | beautiful |
| गिरि | पर्वत | hills |
| काननु | वन | woodland |
| जलु | जल | water |
| पावन | पवित्र; निर्मल | pure; sacred |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.124
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 447
- सहायक विषय
- यमुनाको प्रणाम, वनवासियोंका प्रेम
- मुद्रित पृष्ठ
- 446, 447
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।