अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
दाहिन दइउ होइ जब सबही। राम समीप बसिअ बन तबही।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दजब दैव सबके अनुकूल हो, तभी श्रीरामजीके पास वनमें निवास हो सकता है। मन्दाकिनीजीका तीनों समय स्नान और आनन्द तथा मङ्गलोंकी माला (समूह) रूप श्रीरामका दर्शन,॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 577 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
दाहिन दइउ होइ जब सबही। राम समीप बसिअ बन तबही।।
मंदाकिनि मज्जनु तिहु काला। राम दरसु मुद मंगल माला।।
स्रोत अभिलेख 2.28 · पुस्तक पृ. 577, 578
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 दाहिन दइउ होइ जब सबही। राम समीप बसिअ बन तबही।।
English explanation
Only when fortune favors everyone can they dwell in the forest near Rama.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| दाहिन | अनुकूल | favorable |
| दइउ | दैव; भाग्य | fate; fortune |
| होइ | हो | becomes |
| जब | जब | when |
| सबही | सबके लिए | for everyone |
| राम | राम के | Rama |
| समीप | निकट | near |
| बसिअ | रहने को मिले | one may dwell |
| बन | वन में | in the forest |
| तबही | तभी | only then |
2 मंदाकिनि मज्जनु तिहु काला। राम दरसु मुद मंगल माला।।
English explanation
Bathing in the Mandakini at all three times of day and beholding Rama form a garland of joy and auspiciousness.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मंदाकिनि | मंदाकिनी नदी में | in the Mandakini River |
| मज्जनु | स्नान | bathing |
| तिहु | तीनों | all three |
| काला | समय | times of day |
| राम | राम का | of Rama |
| दरसु | दर्शन | beholding |
| मुद | आनंद | joy |
| मंगल | मंगल; शुभता | auspiciousness |
| माला | माला | garland |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.28
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 577
- सहायक विषय
- जनकजीका पहुँचना, कोल-किरातादिकी भेंट, सबका परस्पर मिलाप
- मुद्रित पृष्ठ
- 577, 578
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।