अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
दामिनि बरन लखन सुठि नीके। नख सिख सुभग भावते जी के।।
मूल पाठ
दामिनि बरन लखन सुठि नीके। नख सिख सुभग भावते जी के।।
मुनिपट कटिन्ह कसें तूनीरा। सोहहिं कर कमलिनि धनु तीरा।।
स्रोत अभिलेख 2.115 · पुस्तक पृ. 439, 439
भावार्थ
मूल पाठ के बादबिजलीके-से रंगके लक्ष्मणजी बहुत ही भले मालूम होते हैं। वे नखसे शिखातक सुन्दर हैं, और मनको बहुत भाते हैं। दोनों मुनियोंके (वल्कल आदि) वस्त्र पहने हैं और कमरमें तरकस कसे हुए हैं। कमलके समान हाथोंमें धनुष-बाण शोभित हो रहे हैं॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 439 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 दामिनि बरन लखन सुठि नीके। नख सिख सुभग भावते जी के।।
English explanation
Lakshmana, radiant in complexion like lightning, is exceedingly handsome—beautiful from toe to crown and pleasing to the heart.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| दामिनि | बिजली | lightning |
| बरन | के समान वर्ण वाले | having a complexion like |
| लखन | लक्ष्मण; राम के छोटे भाई | Lakshmana, Rama’s younger brother |
| सुठि | अत्यंत | exceedingly |
| नीके | सुंदर | handsome |
| नख | पैर के नख से | from the toenails |
| सिख | सिर के शिख तक | to the crown of the head |
| सुभग | सुंदर | beautiful |
| भावते | प्रिय लगते हैं | are pleasing |
| जी | हृदय | heart |
| के | को | to |
2 मुनिपट कटिन्ह कसें तूनीरा। सोहहिं कर कमलिनि धनु तीरा।।
English explanation
Both wear ascetics’ garments, with quivers fastened at their waists; bows and arrows adorn their lotus-like hands.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मुनिपट | मुनियों जैसे वस्त्र | ascetics’ garments |
| कटिन्ह | कमरों पर | at their waists |
| कसें | कसे हुए | fastened firmly |
| तूनीरा | तरकश | quivers |
| सोहहिं | शोभित हैं | look beautiful |
| कर | हाथ | hands |
| कमलिनि | कमल-समान में | in the lotus-like ones |
| धनु | धनुष | bows |
| तीरा | बाण | arrows |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.115
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 439
- सहायक विषय
- यमुनाको प्रणाम, वनवासियोंका प्रेम
- मुद्रित पृष्ठ
- 439, 439
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।