अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
एकटक सब सोहहिं चहुँ ओरा। रामचंद्र मुख चंद चकोरा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दसब लोग टकटकी लगाये श्रीरामचन्द्रजीके मुखचन्द्रको चकोरकी तरह (तन्मय होकर) देखते हुए चारों ओर सुशोभित हो रहे हैं। श्रीरामजीका नवीन तमाल वृक्षके रंगका (श्याम) शरीर अत्यन्त शोभा दे रहा है, जिसे देखते ही करोड़ों कामदेवोंके मन मोहित हो जाते हैं॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 439 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
एकटक सब सोहहिं चहुँ ओरा। रामचंद्र मुख चंद चकोरा।।
तरुन तमाल बरन तनु सोहा। देखत कोटि मदन मनु मोहा।।
स्रोत अभिलेख 2.115 · पुस्तक पृ. 439, 439
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 एकटक सब सोहहिं चहुँ ओरा। रामचंद्र मुख चंद चकोरा।।
English explanation
All around, everyone gazes steadily, looking like chakora birds watching the moon that is Rama’s face.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| एकटक | एकटक; बिना दृष्टि हटाए | with an unwavering gaze |
| सब | सभी लोग | everyone |
| सोहहिं | सुशोभित हैं | look lovely |
| चहुँ | चारों | all four |
| ओरा | ओर | directions; sides |
| रामचंद्र | श्रीराम के | of Rama |
| मुख | मुखरूपी | the face as |
| चंद | चंद्रमा | the moon |
| चकोरा | चकोर पक्षियों के समान | like chakora birds |
2 तरुन तमाल बरन तनु सोहा। देखत कोटि मदन मनु मोहा।।
English explanation
Rama’s body shines with the dark hue of a young tamala tree; seeing it would enchant even the minds of countless gods of love.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तरुन | युवा; नया | young |
| तमाल | तमाल वृक्ष | the dark-hued tamala tree |
| बरन | के समान रंग वाला | having the hue of |
| तनु | शरीर | body |
| सोहा | शोभित है | shines beautifully |
| देखत | देखते ही | on seeing |
| कोटि | करोड़ों | tens of millions |
| मदन | कामदेवों का | of gods of love |
| मनु | मन | mind |
| मोहा | मोहित होता है | is enchanted |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.115
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 439
- सहायक विषय
- यमुनाको प्रणाम, वनवासियोंका प्रेम
- मुद्रित पृष्ठ
- 439, 439
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।