अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तब तब तुम्ह कहि कथा पुरानी। सुंदरि समुझाएहु मृदु बानी।।
मूल पाठ
तब तब तुम्ह कहि कथा पुरानी। सुंदरि समुझाएहु मृदु बानी।।
कहउँ सुभायँ सपथ सत मोही। सुमुखि मातु हित राखउँ तोही।।
स्रोत अभिलेख 2.61 · पुस्तक पृ. 394, 395
भावार्थ
मूल पाठ के बादहे सुन्दरी! तब-तब तुम कोमल वाणीसे पुरानी कथाएँ कह-कहकर इन्हें समझाना। हे सुमुखि! मुझे सैकड़ों सौगन्ध हैं, मैं यह स्वभावसे ही कहता हूँ कि मैं तुम्हें केवल माताके लिये ही घरपर रखता हूँ॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 394 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 तब तब तुम्ह कहि कथा पुरानी। सुंदरि समुझाएहु मृदु बानी।।
English explanation
Then, dear beautiful lady, tell her old stories and gently comfort her with soft words each time.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तब | तब | then |
| तब | हर बार | each time |
| तुम्ह | तुम, सीता | you, Sita |
| कहि | कहकर | by telling |
| कथा | कथाएँ | stories |
| पुरानी | पुरानी | old |
| सुंदरि | हे सुंदरी | O beautiful lady |
| समुझाएहु | समझाना या सांत्वना देना | reassure or comfort her |
| मृदु | कोमल | gentle |
| बानी | वाणी से | with words |
2 कहउँ सुभायँ सपथ सत मोही। सुमुखि मातु हित राखउँ तोही।।
English explanation
I speak sincerely, under an oath of truth: fair-faced lady, I ask you to stay here for Mother's welfare.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कहउँ | मैं कहता हूँ | I say |
| सुभायँ | सच्चे मन से, सहज भाव से | sincerely, without pretense |
| सपथ | शपथ | oath |
| सत | सत्य की | of truth |
| मोही | मुझे | to me |
| सुमुखि | हे सुंदर मुख वाली सीता | O fair-faced Sita |
| मातु | माता के | Mother's |
| हित | हित के लिए | for the welfare of |
| राखउँ | मैं रखता हूँ, रहने को कहता हूँ | I keep, ask to remain |
| तोही | तुम्हें | you |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.61
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 394
- सहायक विषय
- श्रीसीता-राम-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 394, 395
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