अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जौं पै कुरुचि रही अति तोही। जनमत काहे न मारे मोही।।
मूल पाठ
जौं पै कुरुचि रही अति तोही। जनमत काहे न मारे मोही।।
पेड़ काटि तैं पालउ सींचा। मीन जिअन निति बारि उलीचा।।
स्रोत अभिलेख 2.161 · पुस्तक पृ. 477, 477
भावार्थ
मूल पाठ के बादहाय! यदि तेरी ऐसी ही अत्यन्त बुरी रुचि (दुष्ट इच्छा) थी, तो तूने जन्मते ही मुझे मार क्यों नहीं डाला? तूने पेड़को काटकर पत्तेको सींचा है और मछलीके जीनेके लिये पानीको उलीच डाला! (अर्थात् मेरा हित करने जाकर उलटा तूने मेरा अहित कर डाला)॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 477 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 जौं पै कुरुचि रही अति तोही। जनमत काहे न मारे मोही।।
English explanation
If you harbored such an evil desire, why did you not kill me at birth?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जौं | यदि | if |
| पै | ही; वास्तव में | indeed |
| कुरुचि | बुरी इच्छा | evil desire |
| रही | थी | was present |
| अति | बहुत | so great |
| तोही | तुझमें | in you |
| जनमत | जन्म लेते ही | at birth |
| काहे | क्यों | why |
| न | नहीं | not |
| मारे | मार दिया | kill |
| मोही | मुझे | me |
2 पेड़ काटि तैं पालउ सींचा। मीन जिअन निति बारि उलीचा।।
English explanation
You cut down the tree and watered its leaves; to keep the fish alive, you continually bailed out the water.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पेड़ | पेड़ | the tree |
| काटि | काटकर | having cut down |
| तैं | तूने | you |
| पालउ | पल्लव; पत्ते | shoots; leaves |
| सींचा | सींचे | watered |
| मीन | मछली को | the fish |
| जिअन | जीवित रखने के लिए | to keep alive |
| निति | निरंतर | continually |
| बारि | पानी | water |
| उलीचा | उलीच दिया | bailed out |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.161
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 477
- सहायक विषय
- श्रीभरत-शत्रुघ्नका आगमन और शोक
- मुद्रित पृष्ठ
- 477, 477
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