अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जहँ लगि बेद कही बिधि करनी। श्रवन नयन मन गोचर बरनी।।
मूल पाठ
जहँ लगि बेद कही बिधि करनी। श्रवन नयन मन गोचर बरनी।।
देखहु खोजि भुअन दस चारी। कहँ अस पुरुष कहाँ असि नारी।।
स्रोत अभिलेख 2.12 · पुस्तक पृ. 443, 444
भावार्थ
मूल पाठ के बादहमारे कानों, नेत्रों और मनके द्वारा अनुभवमें आनेवाली विधाताकी करनीको जहाँतक वेदोंने वर्णन करके कहा है, वहाँतक चौदहों लोकोंमें ढँूढ़ देखो, ऐसे पुरुष और ऐसी स्त्रियाँ कहाँ हैं? [कहीं भी नहीं हैं, इसीसे सिद्ध है कि ये विधाताके चौदहों लोकोंसे अलग हैं और अपनी महिमासे ही आप निॢमत हुए हैं]॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 443 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 जहँ लगि बेद कही बिधि करनी। श्रवन नयन मन गोचर बरनी।।
English explanation
As far as the Vedas have described Brahma’s creation—what lies within the reach of hearing, sight, and mind—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जहँ | जहाँ | where; as far |
| लगि | तक | as; up to |
| बेद | वेदों ने | the Vedas |
| कही | कहा है | have stated |
| बिधि | ब्रह्मा की | Brahma’s |
| करनी | सृष्टि-रचना | work of creation |
| श्रवन | कानों की | of hearing |
| नयन | आँखों की | of sight |
| मन | मन की | of the mind |
| गोचर | पहुँच में आने वाली | accessible to |
| बरनी | वर्णित की है | have described |
2 देखहु खोजि भुअन दस चारी। कहँ अस पुरुष कहाँ असि नारी।।
English explanation
Search all fourteen worlds and see: where is a man like this, or a woman like this?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देखहु | देखो | see |
| खोजि | खोजकर | having searched |
| भुअन | लोक | worlds |
| दस | दस | ten |
| चारी | चार | four |
| कहँ | कहाँ | where |
| अस | ऐसा | such a |
| पुरुष | पुरुष | man |
| कहाँ | कहाँ | where |
| असि | ऐसी | such a |
| नारी | स्त्री | woman |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.12
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 443
- सहायक विषय
- यमुनाको प्रणाम, वनवासियोंका प्रेम
- मुद्रित पृष्ठ
- 443, 444
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।